फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद, 2015 में की थी हैवानियत

Mon, 22 Jul 2019 07:56 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
अदालत ने अपनी ही दस वर्षीय बेटी को दुष्कर्म का शिकार बनाने वाले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामला दिल्ली के उत्तरी जिले का है। 
विज्ञापन


रोहिणी जिला अदालत की विशेष न्यायाधीश सीमा मैनी ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 40 वर्षीय आरोपी पिता को पॉक्सो की धारा 6, आईईपीसी की धारा 376(2) के तहत दोषी ठहराया। 

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि घटना बेहद भयावह है और जब यह भयानक कृत्य खुद पिता द्वारा किया गया है, जो पिता अपने बच्चे के लिए रक्षक माना जाता है, जिसने अपनी बच्ची को इस स्तर की शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक क्षति पहुंचाई। 
विज्ञापन


आदेश में कहा गया कि दोषी इस किस्म का आक्रामक है, जिसने खुद अपनी बेटी से दुष्कर्म किया। ऐसे किसी शख्स को सजा में छूट नहीं दी जा सकती।अदालत ने दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को पीड़िता को 5 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

अदालत ने उत्तरी जिला डीएलएसए के सचिव को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पीड़िता की मां को एक महीने के अंदर यह राशि मिल जाए ताकि इसका इस्तेमाल बच्ची के पुनर्वास के लिए किया जा सके। 

अभियोजन के मुताबिक, 8 दिसंबर 2015 को जब बच्ची अपने स्कूल से लौटी, उसने अपने पिता को घर में देखा और उसकी मां काम पर गई थी। उसके दो छोटे भाई स्कूल में थे। उसके पिता ने उसे खाना खाकर सो जाने को कहा। जब वह बेड पर चली गई तो पिता उसके पास आया और उसने बच्ची से दुष्कर्म किया। 

दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने के बाद पिता ने बच्ची को धमकाया कि वह इस घटना के बारे में किसी को न बताए। अगले दिन उसने फिर बेटी से दुष्कर्म किया। इस बार लड़की ने मां के घर लौटने पर उसे अपनी आपबीती बताई। इसके बाद पीड़िता ने 11 दिसंबर, 2015 को महिला हैल्पलाइन को फोन किया। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें