अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मॉर्फ्ड वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी विनोद तिवारी को जमानत मंजूर कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी जमानत के लिए आवश्यक ट्रिपल टेस्ट (भागने का जोखिम, सबूतों से छेड़छाड़, गवाहों पर प्रभाव डालना) पर खरा उतरता है तथा जमानत नियम है, जेल अपवाद।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालर की अदालत में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज एफआईआर के खिलाफ विनोद तिवारी ने जमानत याचिका दायर की थी। आरोपी 14 मार्च से जेल में था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक शिकायतकर्ता मोहम्मद अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि विनोद तिवारी के नाम से चल रहे फेसबुक अकाउंट पर एआई-जनरेटेड और मॉर्फ्ड वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री को अपमानजनक टिप्पणियां करते दिखाया गया था। यह वीडियो सार्वजनिक व्यवस्था और सौहार्द बिगाड़ने की क्षमता रखता था। अभियोजन ने कहा कि तिवारी ने वीडियो डाउनलोड कर शेयर किया और सोशल मीडिया पर फैलाया। संबंधित मोबाइल जब्त किया गया है तथा जांच जारी है, जिसमें डिजिटल सबूतों की और जांच तथा अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता का पता लगाया जा रहा है।