24 घंटे में 1260 इलाके सील
राजधानी में कोरोना संक्रमण कितनी तेजी से फैल रहा है? इसका एक उदाहरण कंटेनमेंट जोन की बढ़ती संख्या भी है। बीते एक दिन यानी 24 घंटे में 1260 नए इलाकों को सील किया गया है। यहां एक से अधिक कोरोना मरीज मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। अब तक 5168 इलाके सील किए जा चुके हैं। इन इलाकों में सभी प्रकार की छूट पर रोक लगाई गई है, ताकि संक्रमण के प्रसार को काफी हद तक रोक कर रखा जा सके। आवश्यक वस्तुओं को सिविल डिफेंस वॉलंटियर पहुंचा रहे हैं।
कब कितनी मौतें
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में नौ और नवंबर में सात लोगों की मौत हुई थी। अक्तूबर में चार और सितंबर में पांच लोगों ने दम तोड़ा था।
लोकनायक में 20 कर्मचारी संक्रमित
दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में 20 स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। इनमें 11 डॉक्टर और आठ नर्स शामिल हैं, जबकि अस्पताल का एक सफाई कर्मचारी भी संक्रमित हुआ है। डॉ. सुरेश कुमार ने कहा, ‘यह चिंता का विषय है क्योंकि अगर हमारे डॉक्टर और नर्स ही सुरक्षित हैं, तो हम मरीजों की देखभाल कर पाएंगे। अगर हमारा कार्यबल प्रभावित होता है, तो यह कोविड के खिलाफ हमारी लड़ाई को प्रभावित कर सकता है।’
उन्होंने बताया कि अस्पताल में करीब चार हजार स्वास्थ्य कर्मचारी हैं। लगभग सभी कर्मचारियों को वैक्सीन की दोनों खुराक लग चुकी हैं। हालांकि, अब कई कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। रोजाना मामलों का बढ़ना एक चेतावनी है। पिछली बार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और संक्रमण तेजी से फैल रहा है। दिल्ली में भी पिछले 3-4 दिन से मामले लगातार बढ़े हैं और ये संख्या पिछली बार से दोगुना भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अभी अस्पताल में 11 कोरोना मरीज हैं, जिनमें से चार वेंटिलेटर पर हैं।
पूर्वी दिल्ली के पांच पार्षद संक्रमण की चपेट में
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर के बाद अब पांच पार्षद भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इनमें से एक-दो पार्षद के बुधवार को सदन की बैठक में भी शामिल होने की सूचना है। इस तरह अन्य पार्षदों के भी कोरोना की चपेट में आने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार, महापौर के संक्रमित होने के बाद इन पार्षदों ने जांच कराई थी, जिसमें संक्रमित पाए गए। इस तरह माना जा रहा है कि अन्य पार्षद भी संक्रमित हो सकते हैं। क्योंकि, कुछ पार्षद उनके संपर्क में रहे हैं। इसके अलावा गत दिनों के दौरान इन पार्षदों से मिले आम लोगों एवं अधिकारियों के भी संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है।