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दिल्ली कोरोना वायरस: मरीजों की संख्या में कमी, अब निजी अस्पतालों में 30 प्रतिशत बेड ही आरक्षित

Fri, 08 Jan 2021 10:20 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
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राजधानी के 33 निजी अस्पतालों में अब कोरोना मरीजों के लिए आईसीयू में 30 से 40 प्रतिशत ही बेड आरक्षित रखे जाऐंगे। दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष यह रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि 5 जनवरी को हुई मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है। अदालत ने निजी अस्पतालों के अपने रिक्त बेड की संख्या की जानकारी देने को कहा है।

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हाईकोर्ट निजी अस्पतालों की सरकार द्वारा आईसीयू में 80 प्रतिशत बेड आरक्षित करने के निर्णय को चुनौती याचिका पर सुनवाई कर रही है। न्यायमूर्ति नवीन चावला के समक्ष सरकार ने विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया। अदालत ने मामले की सुनवाई 11 जनवरी तय करते हुए निजी अस्पतालों को अपने यहां के खाली आईसीयू बेड के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया है।

दिल्ली सरकार ने पेश रिपोर्ट में कहा कि वसंत कुंज के फोर्टिस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रोहिणी के सरोज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मॉडल टाउन के महा दुर्गा चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल एवं पूसा रोड के सर गंगाराम अस्पताल पहले की ही तरह कोरोना मरीजों के लिए समर्पित रहेंगे। इन अस्पतालों में कुल बेड की क्षमता का 30 प्रतिशत बेड आरक्षित रहेंगे। साथ ही इन चारों अस्पतालों के आईसीयू बेड में से 40 प्रतिशत या जितने मरीज भर्ती है उसके दोगुना आईसीयू बेड खाली रखना होगा।
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इसी प्रकार पहले की तरह साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पूरी तरह से कोरोना मरीजों के लिए समर्पित रहेगा। अदालत द्वारा पिछली सुनवाई में मांगी गई जानकारी के संदर्भ में सरकार ने कहा कि कोरोना मरीजों की संख्या में कमी के ध्यानार्थ उसने 41 निजी अस्पतालों में आरक्षित आईसीयू बेड की संख्या 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत या भर्ती मरीजों के दोगुना बेड आरक्षित करने का निर्णय लिया है।

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