लोकसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच अब एक बार फिर दिल्ली की राजनीति में उबाल आने लगा है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच एकबार फिर शब्द वार छिड़ गया है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीनों नगर निगमों में आसीन भाजपा नेताओं पर असंवैधानिक तरीके से वार्ड समितियों में सत्ता हथियाने का आरोप लगाया है।
प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि भाजपा सत्ता हथियाने के लिए न सिर्फ संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना कर रही है, बल्कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम को भी मानने से इंकार कर रही है।
'बीजेपी का बेहद खराब प्रदर्शन'
लवली ने कहा कि उपराज्यपाल ने तीनों निगमों में तीस सदस्य नामित किए थे। डीएमसी एक्ट में साफ है कि नामित सदस्यों को दिल्ली की विभिन्न वार्ड समितियों में वोट डालने और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने का अधिकार है।
यही नहीं, इन्हें स्थाई समिति के सदस्यों के चुनाव में वोट डालने का भी अधिकार है। इसके बावजूद इनको वोट डालने के अधिकार से रोका जा रहा है।
इसकी वजह दक्षिण निगम में भाजपा का बेहद खराब प्रदर्शन रहा है।
बीजेपी के खिलाफ होगा आंदोलन
लवली ने आरोप लगाया कि हार से बौखलाई भाजपा इस तरह के असंवैधानिक कदम उठा रही है। वहीं, पूर्वी दिल्ली निगम में नामजद सदस्य प्रमोद कुमार ने कहा कि सभी नामित सदस्यों ने दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाकात के लिए समय मांगा है।
जरूरत पड़ी तो सभी सदस्य अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लवली के अलावा इस दौरान इस कांग्रेस के कई दिग्गज मौजूद रहे।