दिल्ली में पार्टी को फिर से मजबूती देने के लिए कांग्रेस को परिश्रमी कार्यकर्ताओं की तलाश है।
ऐसे कार्यकर्ता जिन्होंने छोटे स्तर पर पार्टी के लिए अच्छा काम किया है, उन्हें कार्यकारिणी में और जिन्होंने सदस्य के रूप में काम किया हैं, उन्हें अन्य जगह पदाधिकारी बनाया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने जिला स्तर पर बनाए गए पर्यवेक्षकों को सोमवार को हुई बैठक में इस बारे में निर्देश दिया।
कांग्रेस नेताओं को सख्त हिदायत
प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में हुई बैठक में पर्यवेक्षक की भूमिका निभाने वाले पूर्व सांसद महाबल मिश्रा, अंजलि राय, डॉ. योगानन्द शास्त्री, डॉ. नरेन्द्र नाथ, विजय सिंह लोचव, चतर सिंह, सीपी मित्तल, फरहाद सूरी, सुरेश मलिक, जगप्रवेश कुमार, अनिल भारद्वाज, रमाकांत गोस्वामी, किरण वालिया और सुरेन्द्र कुमार शामिल हुए।
पर्यवेक्षकों को हिदायत दी गई कि वह जिला और ब्लाक संगठन की टीम बनाने में निचले स्तर के कार्यकर्ताओं से संपर्क करें। पूरे जोश के साथ काम करने का जज्बा रखने वाले को जोड़ें।
कहा गया कि इस समय जरूरत है कि जो बूथ स्तर पर पार्टी का काम संभालता है, उसे संगठन में जिम्मेदारी दी जाए।
गुटबाजी के चलते भंग हुई कार्यकारिणी
मालूम हो कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू शर्मा के समय के पदाधिकारी ही लोकसभा चुनाव तक चले आ रहे थे। जबकि इस बीच जेपी अग्रवाल प्रदेश अध्यक्ष के पद पर सबसे लंबा कार्यकाल बिता चुके थे।
गुटबाजी और हालात को देखते हुए जिला-ब्लॉक के साथ ही प्रदेश की कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। संगठन का नया स्वरूप अभी तय नहीं हो सका है।
प्रदेश कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 31 जुलाई तक पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश, जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी घोषित कर दी जाएगी।