सोशल मीडिया प्लेटफार्म हिंसा, सामाजिक नफरत और अश्लील संदेश भेजने का बड़ा जरिया बनकर उभरे हैं। इनसे कई बार अनेक लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है। इसे देखते हुए दिल्ली महिला आयोग ने फेसबुक, ट्विटर और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जवाब मांगा है कि वह इस प्रकार के अश्लील या हिंसात्मक संदेशों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
उनसे इस बात की भी जानकारी मांगी गई है कि क्या ऐसे संदेशों की जानकारी पुलिस को भी मुहैया कराई जाती है। इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 25 मई तक अपना जवाब दाखिल करना है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि आयोग ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया है।
उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे वीडियो और कंटेंट आ रहे हैं जो हिंसा, शोषण और अभद्रता को बढ़ावा देते हैं। बता दें कि हाल ही में एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं पर एसिड अटैक किए जाने के समर्थन करती एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिस पर काफी विवाद हुआ था।
हालांकि बाद में इस एकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया था। इसी प्रकार कुछ दिन पहले एक सोशल मीडिया ग्रुप पर ब्वॉयज लॉकर रूम का मामला सामने आया था, जो महिला आयोग की दखल के बाद बड़ा मुद्दा बन गया था।