कथूरिया के वकील ने उनकी जमानत की मांग करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि क्या होने वाला है, या घटना को अंजाम देने का इरादा नहीं है। अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कथूरिया लापरवाही का दोषी नहीं था, लेकिन उसने घटना को बढ़ावा दिया।
एपीपी ने अदालत में कथूरिया के सोशल मीडिया अकाउंट से लिए गए कुछ वीडियो दिखाए, जिसमें उन्हें वही एसयूवी चलाते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस शब्द का उपयोग करने के लिए खेद है। लेकिन वह मस्तीखोर है और उसने मौज-मस्ती करते हुए इस घटना को अंजाम दिया।
सरकारी वकील ने कहा कि पुलिस जांच अभी शुरुआती चरण में है। अगर आरोपी को जमानत पर रिहा किया गया, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। कथूरिया के वकील ने कहा कि दिल्ली पुलिस उन लोगों को गिरफ्तार कर रही है, जो मामले से संबंधित नहीं हैं, इस घटना के लिए मुझे कैसे दोषी ठहराया जा सकता है।