दिल्ली पुलिस के जवान अमित राणा के परिवार को दिल्ली सरकार एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देगी। यह मदद सेवा के दौरान कोरोना के कारण उनकी मौत होने के कारण दी जाएगी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वयं ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना पीड़ित होने के बाद भी अमित राणा अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे। उन्होंने उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
जानकारी के मुताबिक किसी दिल्ली पुलिस के जवान की कोरोना के कारण यह पहली मौत है। सोमवार तक उन्हें कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखाई पड़े थे।
मंगलवार को अचानक उनकी तबियत खराब होने के बाद उन्हें कई अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। उनका सैंपल लिया गया था। बुधवार को सामने आई रिपोर्ट में उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।
उनके साथियों का आरोप है कि मौत से पहले वे उन्हें लेकर दो अस्पतालों में गए लेकिन वहां उन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिली। इसी प्रकार दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड एसीपी सतीश कुमार का मामला भी सामने आया था।
उन्हें भी कोई अस्पताल सेवा देने को तैयार नहीं था। लेकिन अब दिल्ली पुलिस के जवानों को स्वास्थ्य संबंधी किसी सेवा के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। दिल्ली पुलिस महासंघ एक चौबीसों घंटे काम करने वाली हेल्प लाइन शुरू कर रहा है। दिल्ली पुलिस के जवान इस नंबर पर फोन कर स्वास्थ्य सेवाएं पाने की अपील कर सकेंगे।
कैसे करेगा काम
दिल्ली पुलिस महासंघ के संयोजक पूर्व एसीपी वेद भूषण ने अमर उजाला को बताया कि इस सेवा को 'हेल्परूम' नाम दिया गया है। इसमें तीन पूर्व एसीपी और सात इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टर रैंक के अन्य अधिकारी चौबीसों घंटे सेवा देंगे।
किसी भी वर्तमान या पूर्व दिल्ली पुलिस के जवान के द्वारा चिकित्सकीय सहायता मांगे जाने पर वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर सहयोग उपलब्ध कराएंगे।