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मेट्रो-बसों के बिना कैसे चलेगी दिल्ली, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में कैसे होगी सोशल डिस्टेंसिंग

Thu, 07 May 2020 08:08 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली मेट्रो में रोजाना औसतन 28-30 लाख यात्री करते हैं सफर
  • डीटीसी बसों में 30 लाख और क्लस्टर बसों में 12 लाख यात्री रोजाना करते हैं यात्रा
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delhi metro - फोटो : file
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि जल्दी ही विशेष उपायों के साथ सार्वजनिक वाहनों में लोगों को आने-जाने की अनुमति मिल सकती है। माना जा रहा है कि बसों में 20 और मेट्रो के एक कोच में 40 लोगों को यात्रा करने की अनुमति मिल सकती है।

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लेकिन सार्वजनिक वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग कितना कामयाब हो पाएगी, इसको लेकर अभी से सवाल उठाए जा रहे हैं। बड़ा सवाल यह भी है कि दिल्ली में रोजाना यात्रियों को ढोने के लिए अभी भी सार्वजनिक वाहनों की क्षमता पर्याप्त नहीं है।

ऐसे में प्रत्येक बसों और कोचों में लोगों की संख्या कम करने के बाद भी यह व्यवस्था लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने में कितनी कामयाब हो पाएगी, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल, सार्वजनिक सेवाओं के अभाव में इस समय यात्री अपने ऑफिस पहुंचने के लिए काफी परेशान हो रहे हैं।

अभी कितने यात्री

25 दिसंबर 2002 से शुरू हुई दिल्ली मेट्रो इस समय 287 स्टेशनों (गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा सहित) के माध्यम से 389 किलोमीटर तक यात्रियों को अपने कार्यालयों, घरों तक पहुंचाने में मदद करती है। औसतन रोजाना इससे 28 से 30 लाख लोग यात्रा करते हैं।

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हालांकि, कई बार इसके यात्रियों की संख्या 45-46 लाख से भी अधिक रही है। 29 जुलाई 2019 को एक दिन में रिकॉर्ड 59,05,431 यात्रियों ने मेट्रो की यात्रा की थी।

दिल्ली मेट्रो तैयार

दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी ने कहा कि वे पूरी तरह से तैयार हैं। सरकार जब भी कहेगी, वे दिल्ली के लोगों की मदद के लिए तुरंत अपनी सेवाएं जारी कर सकते हैं। मेट्रो में सोशल डिस्टेंसिंग कैसे हो पाएगी, इस सवाल पर अधिकारी ने कहा कि इसके लिए सरकार और उच्च अधिकारियों की आपसी सहमति से रास्ता तलाशा जाएगा।

इसके लिए कोच के अंदर विशेष कार्यबलों की नियुक्ति की जा सकती है।

बसों के यात्री भी 43 लाख के करीब

दिल्ली ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (Delhi Transport Corporation या DTC) की बसें दिल्ली के लोगों को यात्रा कराने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। मेट्रो के आने से पहले यह दिल्ली की लाइफलाइन कही जाती थी।

मेट्रो के विस्तार के बाद भी इसमें रोजाना लगभग 31 लाख यात्री यात्रा करते हैं। इसके अलावा क्लस्टर बसों के माध्यम से 12 लाख लोग यात्रा करते हैं। दोनों को मिलाकर इस समय लगभग 6000 बसें दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रही हैं।

आम आदमी पार्टी की सरकार ने 29 अक्टूबर 2019 को महिलाओं की डीटीसी बसों में यात्रा मुफ्त कर दी थी। इसके बाद महिला यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। रोजाना यात्रियों में इनकी संख्या लगभग एक तिहाई या 14 लाख के करीब होती है।

हालांकि सरकार ने दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ाकर 11 हजार करने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक इनकी संख्या काफी कम है। पिछले वर्षों में इनकी संख्या में लगातार कटौती होती गई है जो इस प्रकार है-

संदर्भ वर्ष     बसों की संख्या

2010-            6204

2011-            5892

2012-            5445

2013-            4223

2014-            4712

2015-            4352

2016-            3027

2017-            3994

2018-            3781

 

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