25 दिसंबर 2002 से शुरू हुई दिल्ली मेट्रो इस समय 287 स्टेशनों (गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा सहित) के माध्यम से 389 किलोमीटर तक यात्रियों को अपने कार्यालयों, घरों तक पहुंचाने में मदद करती है। औसतन रोजाना इससे 28 से 30 लाख लोग यात्रा करते हैं।
दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी ने कहा कि वे पूरी तरह से तैयार हैं। सरकार जब भी कहेगी, वे दिल्ली के लोगों की मदद के लिए तुरंत अपनी सेवाएं जारी कर सकते हैं। मेट्रो में सोशल डिस्टेंसिंग कैसे हो पाएगी, इस सवाल पर अधिकारी ने कहा कि इसके लिए सरकार और उच्च अधिकारियों की आपसी सहमति से रास्ता तलाशा जाएगा।
इसके लिए कोच के अंदर विशेष कार्यबलों की नियुक्ति की जा सकती है।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (Delhi Transport Corporation या DTC) की बसें दिल्ली के लोगों को यात्रा कराने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। मेट्रो के आने से पहले यह दिल्ली की लाइफलाइन कही जाती थी।
मेट्रो के विस्तार के बाद भी इसमें रोजाना लगभग 31 लाख यात्री यात्रा करते हैं। इसके अलावा क्लस्टर बसों के माध्यम से 12 लाख लोग यात्रा करते हैं। दोनों को मिलाकर इस समय लगभग 6000 बसें दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रही हैं।
आम आदमी पार्टी की सरकार ने 29 अक्टूबर 2019 को महिलाओं की डीटीसी बसों में यात्रा मुफ्त कर दी थी। इसके बाद महिला यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। रोजाना यात्रियों में इनकी संख्या लगभग एक तिहाई या 14 लाख के करीब होती है।
हालांकि सरकार ने दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ाकर 11 हजार करने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक इनकी संख्या काफी कम है। पिछले वर्षों में इनकी संख्या में लगातार कटौती होती गई है जो इस प्रकार है-
2010- 6204
2011- 5892
2012- 5445
2013- 4223
2014- 4712
2015- 4352
2016- 3027
2017- 3994
2018- 3781