अवकाश न्यायाधीश नियाय बिंदु ने केजरीवाल और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दो दिनों तक सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। इससे पहले उन्होंने दिन में दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। उन्होंने कल ही स्पष्ट किया था कि वे बहस पूरी होने के बाद तुरंत ही फैसला देगी क्योंकि यह मामला हाई प्रोफाइल है।
आदेश सुनाए जाने के बाद ईडी ने अनुरोध किया कि क्या जमानत बांड पर हस्ताक्षर करने को 48 घंटे के लिए टाला जा सकता है ताकि आदेश को अपीलीय अदालत के समक्ष चुनौती दी जा सके। अदालत ने उनके आग्रह को खारिज करते हुए आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि जमानत बांड को कल ड्यूटी जज के समक्ष पेश किया जाना है। अदालत ने अपने आदेश में केजरीवाल की जमानत एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर स्वीकार की है।
वहीं आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ईडी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ शुक्रवार सुबह दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करेगा। केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए जमानत दी थी। उसके बाद दो जून को उन्होंने तिहाड़ जेल में समर्पण कर दिया था।
अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता विक्रम चौधरी के उस तर्क पर विचार किया कि ईडी के आरोपों का कोई सबूत नहीं है। चौधरी ने तर्क दिया था कि क्या ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है या कुछ राजनीतिक आकाओं के हाथों में खेल रही है? ईडी अपने सभी निष्कर्ष परिकल्पना के आधार पर निकालती है। यदि वे अभी भी सामग्री एकत्र कर रहे हैं तो यह एक अंतहीन जांच है। आगे कहा कि केजरीवाल आप के राष्ट्रीय संयोजक हैं। इसलिए पार्टी द्वारा किए गए हर काम की जिम्मेदार लेते हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह दर्शाता हो कि आप को कभी 45 करोड़ रुपये मिले थे। यह सब अटकलों, पूर्वाग्रहों और मान्यताओं के दायरे में है। वे अभी भी गिरफ्तारी और मूल्यांकन कर रहे हैं, लेकिन बयान देते हैं कि 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली थी।
चौधरी ने कोर्ट में कहा कि केजरीवाल को किसी अन्य व्यक्ति के समान स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। आगे कहा कि केजरीवाल ने कहा था कि मेरे साथ किसी खास व्यक्ति की तरह व्यवहार न करें। मैं नहीं चाहता कि मेरे साथ किसी खास व्यक्ति की तरह व्यवहार किया जाए। लेकिन मेरे साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप किसी सामान्य व्यक्ति के साथ करते हैं।
केजरीवाल को 21 मार्च को ईडी ने इस आरोप में गिरफ़्तार किया था कि वह कुछ शराब विक्रेताओं को फ़ायदा पहुँचाने के लिए 2021-22 की अब समाप्त हो चुकी दिल्ली आबकारी नीति में जानबूझकर खामियाँ छोड़ने की साजिश का हिस्सा थे।
ईडी ने आरोप लगाया है कि शराब विक्रेताओं से प्राप्त रिश्वत का इस्तेमाल गोवा में आम आदमी पार्टी (आप) के चुनावी अभियान के लिए किया गया था और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से और अप्रत्यक्ष रूप से धन शोधन के अपराध के लिए उत्तरदायी हैं। केजरीवाल ने आरोपों से इनकार किया है और ईडी पर जबरन वसूली का रैकेट चलाने का आरोप लगाया है।