उसने बताया कि संदीप की टैक्सी स्टैंड से करीब चार-पांच हजार टैक्सी चलती हैं। संदीप ने रोहितहाश को बताया कि उसका कुछ लोगों ने पिस्टल के बल पर घर से अपहरण कर लिया है और बुलंदशहर के चोला थाना के शकेरा गांव ले आए है। मामला दर्जकर वसंत विहार थानाध्यक्ष केपी शाह की देखरेख में इंस्पेक्टर सहीराम व एसआई रणवीर की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस जांच के दौरान संदीप यादव के दोस्त ने पुलिस को सूचना दी कि उसके पास संदीप यादव का फोन आया था। ऐसा लगता है कि वह किसी खतरे में है। संदीप ने उसे एक मोबाइल नंबर दिया और उस पर एक लाख रुपये पेटीएम करने को बोला। पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की डिटेल खंगाली तो उसकी लोकेशन बुलंदशहर आ रही थी।
एसआई रणवीर की टीम बुलंदशहर पहुंची और बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से संदीप यादव को आरोपियों के चुंगल से मुक्त करा लिया। संदीप का अपहरण आकाश व उसके दोस्त ने किया था। बाद में पिता विजयवीर भी मौके पर पहुंच गया था। विजयवीर ने भी संदीप यादव के साथ जमकर मारपीट की थी। पुलिस ने आकाश और उसके पिता विजयवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आकाश के दोस्त की तलाश की जा रही है। संदीप यादव को मारपीट के दौरान काफी चोटें भी लगी हैं। सफदरजंग अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच कराई गई है।
आकाश को संदीप से लेने थे करीब सवा लाख रुपये
आकाश संदीप यादव के टैक्सी स्टैंड पर टैक्सी चलाता था। उसका संदीप पर करीब सवा लाख रुपये बकाया था। संदीप समय से पैसे दे नहीं रहा था। आकाश ने पैसे निकालने के लिए पिता विजयवीर के साथ संदीप के अपहरण की साजिश रची थी। विजयवीर सिंह सीबीआई में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई, ड्राइवर) के पद पर तैनात है। इनके पेटीएम से 85 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं।