दिल्ली कैबिनेट ने शुक्रवार को पंजाबी के 789 पद और 610 उर्दू के प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक(टीजीटी)के पद को मंजूरी दी है। इससे सभी सरकारी स्कूलों में पंजाबी, उर्दू और संस्कृत के एक-एक शिक्षक की मौजूदगी तय होगी।
अभी 98 फीसदी स्कूलों में संस्कृत, 24 फीसदी में पंजाबी और 25 फीसदी में उर्दू पढ़ाई जाती है। दिल्ली सरकार इस फैसले से माध्यमिक विद्यालय (दसवीं) स्तर तक तीनों भाषा की पढ़ाई सुनिश्चित करना चाहती है।
दिल्ली सरकार के अनुसार, वर्ष 2015-16 में 28,612 छात्रों ने पंजाबी भाषा और 82,341 छात्रों ने उर्दू भाषा का विकल्प चुना है। अभी इन स्कूलों में आठवीं कक्षा तक तीन और नौवीं-दसवीं कक्षाओं में सिर्फ दो भाषाएं पढ़ाई जाती हैं।