मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर सेवा के लिए यह एप मील का पत्थर साबित होगा। सरकार कागजी कार्रवाई के बजाय डिजिटल तरीके से समस्याएं सुलझाना चाहती है। शिकायतों की हर स्तर पर निगरानी होगी। समाधान होने तक वरिष्ठ अधिकारी उस पर निगाह रखेंगे। इसमें चार आसान माध्यम से शिकायतें दर्ज होंगी। वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन, व्हाट्सएप, कॉल सेंटर इसमें शामिल है। कागज पर लिखी शिकायतें भी डिजिट कर इस एप में डाली जाएंगी।
तीन लेयर में शिकायत समाधान के मौके
दिल्ली के लोग अपने मोबाइल ओटीपी से पोर्टल या मोबाइल एप पर लॉगिन कर सकेंगे। हर शिकायत के लिए 100 फीसद फीडबैक आएगा। यदि कोई निवारण से संतुष्ट नहीं है, तो उसकी नकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर शिकायत फिर से उच्च अधिकारियों को जाएगी। अगर शिकायतकर्ता फिर भी संतुष्ट नहीं है तो उसे तीसरा अवसर भी मिलेगा। शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी नागरिकों को हर चरण पर एसएमएस अलर्ट के माध्यम से दी जाएगी। इससे शिकायतकर्ता को यह पता चलता रहेगा कि उनकी समस्या किस स्तर पर और किस चरण में है। मुख्यमंत्री ने कहा, जन शिकायत समाधान के लिए अधिकारी हर बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिना किसी पूर्व नियुक्ति के नागरिकों से प्रत्यक्ष रूप से मिलेंगे और उनकी शिकायतों का समाधान करेंगे।