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दिल्ली कैबिनेट: महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला, स्कूलों में लगेंगे सीसीटीवी

Wed, 19 Sep 2018 02:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार राजधानी के सार्वजनिक स्थलों की मैपिंग करवाएगी। महिला व बाल विकास विभाग के इससे संबंधित प्रस्ताव को दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है। इसके लिए एक विशेषज्ञ कंपनी दो मोबाइल एप के सहारे विस्तृत आंकड़े जुटाएगी।            
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अधिकारियों का कहना है कि मैपिंग के लिए पूरी दिल्ली का एक सर्वे करवाया जाएगा। इसमें महिला सुरक्षा के मद्देनजर आधारभूत संरचना के अभाव का आकलन होगा। सर्वे का काम विशेषज्ञ कंपनी करेगी। 

वहीं, इसमें दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग, तीनों एमसीडी व एनडीएमसी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए और डूसुब जैसी एजेसियां शामिल रहेंगी। हालांकि, कैबिनेट की बैठक में बताया गया कि कुछ साल पहले इस तरह को एक सर्वे कराया गया था।             
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विशेषज्ञ संगठन सेफ्टीपिन अलग-अलग पैरामीटर पर ऑडिट करेगा। इसमें गली या सड़क विशेष की लाइटिंग, उसकी स्पष्टता, दृश्यता, लोगों की आवाजाही, सुरक्षा, फुटपाथ, सार्वजनिक परिवहन की सुविधा, इससे गुजरने वाले महिलाओं व बच्चों की संख्या व उनके अनुभव का शामिल किया जाएगा। 
 
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बड़े स्तर पर आंकड़े जुटाने के लिये दो एप का सहारा लिया जायेगा। माई सेफ्टीपिन एप से लोगों की प्रतिक्रिया ली जाएगी, जबकि सेफ्टीपिन नाइट से रात के वक्त सार्वजनिक स्थलों व गलियों की तस्वीर जुटाई जाएगी।             
         
स्कूलों में सीसीटीवी लगवाने की प्रशासनिक मंजूरी
दिल्ली कैबिनेट ने शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरा लगवाने के प्रस्ताव को प्रशासनिक व व्यय संबंधी मंजूरी दे दी है। पूरे स्कूल कैंपस को 360 डिग्री कवरेज देने के लिए पूरा सिस्टम तैयार किया गया है। इसमें खासतौर से क्लास रूम, कारीडोर, खुला क्षेत्र और प्रवेश निकासी द्वार आदि पर ध्यान रखा गया।            
         
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स्कूल प्रबंध कमेटियों को किया जाएगा मजूबत

दिल्ली कैबिनेट ने स्कूल प्रबंध कमेटियों (एसएमसी) को मजबूत करने के शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत विद्यालय कल्याण समिति (वीकेएस) को एसएमसी में मिला दिया गया है। वहीं, वीकेएस की मौजूदा स्कीम को पुनर्गठन कर इसे एसएमसी फंड से जोड़ा गया है।

अब एसएमसी की तरफ से स्कूलों के विकास की योजनाएं बनेंगी। इसके अलावा बिल्डिंग इंचार्ज के नाम से आवंटित होने वाले फंड को अब स्कूलों में बच्चों के नामांकन की संख्या से जोड़ा गया है। इसके अलावा कैबिनेट ने गेस्ट टीचर की पारिश्रमिक को भी संशोधित किया है।

अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट ने सामाजिक कल्याण विभाग के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब कुष्ठ रोगियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता 1800 से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है।             
 
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