दिल्ली मेट्रो के 96 स्टेशनों पर एमएमआई की सुविधा मुहैया की जाएगी। इनमें 61 स्टेशनों पर निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है जबकि द्वारका मोड़, जनकपुरी, उत्तम नगर (पश्चिम), नेहरू प्लेस, नवादा, शाहदरा, शास्त्री पार्क, शास्त्री नगर, जहांगीरपुरी, करोल बाग स्टेशनों पर परिवहन सुविधाओं को एकीकृत किया जाएगा।
आरआरटीएस कॉरिडोर पर दिल्ली के दायरे में आनंद विहार, सराय काले खां और न्यू अशोक नगर पर मल्टी मोडल इंटीग्रेशन किया जाएगा। यात्रियों की सहूलियत के लिए एस्कलेटर, कॉनकोर्स, ट्रैवलेटर्स के अलावा जरूरत के मुताबिक फुट ओवर ब्रिज भी बनाए जाएंगे। एनसीआरटीसी के मुताबिक यात्रियों को रेल, मेट्रो, बस, टैक्सी सहित तमाम सुविधाएं नजदीक में उपलब्ध हो, इसपर काम चल रहा है।
आनंद विहार और सराय काले खां पर रेलवे और मेट्रो स्टेशनों के अलावा परिवहन के दूसरे साधनों को भी जोड़ने के लिए नई सुविधा विकसित की जाएगी। इससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी। न्यू अशोक नगर स्टेशन पर भी यह एमएमआई की सुविधा विकसित की जाएगी।
डीटीआईडीसी की ओर से तीनों आईएसबीटी पर परिवहन सुविधाओं को एकीकृत किया जाएगा। रैपिड रेल, मेट्रो, बस, ऑटो, टैक्सी सहित तमाम परिवहन सुविधाओं के एकीकरण से दिल्ली के परिवहन क्षेत्र को सरकार की ओर से विश्वस्तरीय बनाने की भी कवायद चल रही है। कश्मीरी गेट पर भी इसपर काम चल रहा है।
एमएमआई से परिवहन क्षेत्र की राह की मुश्किलें होंगी दूर
मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) की सुविधा से यात्रियों को जरूरत के मुताबिक परिवहन साधनों को बदल सकेंगे। फिलहाल मेट्रो से बस, बसों से ट्रेन या मेट्रो में सफर करने की राह में कई तरह की अड़चनें हैं। अगर बस से उतरकर मेट्रो स्टेशन तक जाना है तो सड़क पार करना पड़ता है। ठीक इस तरह की मेट्रो से उतरने के बाद रैपिड रेल या ट्रेन में सफर करने के लिए अपने सामान के साथ चलने में भी कई तरह की परेशानियां पेश आती हैं।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्काईवॉक की सुविधा है। इससे मेट्रो, बस या ऑटो से स्टेशन पहुंचने वाले सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंचकर ट्रेन में आगे सफर कर सकते हैं। प्रमुख बस अड्डा और रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के एकीकरण से यात्रा में सहूलियतें बढ़ेंगी।