सरकार ने महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा देकर बाजार तक पहुंच बढ़ाई है। यह अर्थ व्यवस्था के लिए बेहतर साबित होगा। सरकार ने अपने आटकम बजट में खुद माना है कि परिवहन विभाग के 53 प्रतिशत नाजुक संकेतक ट्रैक पर नहीं है। साफ है कि परिवहन के क्षेत्र में दिल्ली सरकार को ऊंची छलांग लगानी पड़ेगी।
खासतौर से इसलिए कि दिल्ली वायु प्रदूषण की मार कई वर्षों से झेलती रही है। इस बजट में सरकार ने नई बसें तो खरीदने की बात की है। दिल्ली की सड़क पर 11 हजार बसों की डिमांड जल्द पूरी करनी होगी। लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए भी बजट में ठोस विजन नहीं दिख रहा है।
(अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ रामेश्वर चेचानी से संवाददाता नवनीत शरण की बातचीत के आधार पर)