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दिल्ली: लॉकडाउन में मंदा था कारोबार, कर्ज में डूबे सराफ भाइयों ने दी जान

Thu, 27 Aug 2020 04:03 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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अंकित और अर्पित... - फोटो : अमर उजाला
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चांदनी चौक इलाके में बुधवार दोपहर कर्ज से परेशान दो ज्वेलर भाइयों ने फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों के शव मालीवाड़ा स्थित उनके कारखाने की तीसरी मंजिल पर गार्डर से लटके मिले। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें दोनों ने आर्थिक स्थिति खराब होने का जिक्र किया है। 

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परिजनों ने बताया कि एक फाइनेंसर के बाउसंर बार-बार आकर धमकाते थे। इसी दबाव में आकर दोनों ने खुदकुशी कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि अंकित गुप्ता (47) और अर्पित गुप्ता (42) परिवार के साथ सीताराम बाजार, हौजकाजी इलाके में रहते थे। परिवार में बुजुर्ग पिता आदेश्वर गुप्ता (75), अंकित की पत्नी और दो बच्चे हैं। 

अंकित और अर्पित का सबसे छोटा भाई कालकाजी इलाके में परिवार के साथ रहता है। दोनों भाइयों का चांदनी चौक के मालीवाड़ा में कृष्णा ज्वेलर्स के नाम से कारखाना है, जहां जेवरात बनाने का काम था। पहली मंजिल पर पिता आदेश्वर ने प्रॉपर्टी डीलिंग का दफ्तर बनाया हुआ है। 
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पिता ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों दोनों बेटों को कारोबार में घाटा हुआ तो उन्होंने इलाके के ही एक फाइनेंसर से मोटे ब्याज पर  60-70 लाख रुपये का कर्ज लिया था। लॉकडाउन हुआ तो कारोबार और मंदा हो गया। 

उधर, फाइनेंसर ने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए। उनके बेटों ने पैसे लौटाने के लिए और वक्त मांगा था लेकिन फाइनेंसर के बाउंसर लगातार धमकी दे रहे थे। जबकि इससे हताश होकर दोनों भाइयों ने खुदकुशी कर ली। बुधवार दोपहर दोनों कारखाने की तीसरी मंजिल पर थे। करीब तीन बजे एक कर्मचारी ऊपर गया तो देखा कि अंकित और अर्पित के शव फंदे से लटके हुए हैं। 

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दुकान के आगे कारोबारियों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी है। 

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