स्प्रे करते दिल्ली जल बोर्ड के कर्मी
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भाजपा ने छठ पूजा को लेकर दिल्ली सरकार के 25 करोड़ रुपये खर्च करने के दावे पर सवाल उठाया है। कहा है कि ना ही यमुना की सफाई हुई और न ही छठ घाट ही बनकर तैयार हुए, फिर यह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है कि छठ पर्व को लेकर सरकार की न ही किसी तरह की तैयारियां हैं और न ही यमुना की सफाई हुई। बाकी दावों की तरह ही उनका यह दांव भी फेल साबित हो चुका है। आईटीओ छठ पूजा घाट का निरीक्षण पहुंचे गुप्ता व नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि हर साल की तरह एक बार फिर यमुना की सफाई को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी पुरानी स्क्रिप्ट पढ़ना शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल आठ साल पहले जो बात कहते थे कि यमुना में डुबकी लगाएंगे, वह आज भी दोहरा रहे है। केंद्र की मोदी सरकार ने 2,419 करोड़ रुपये एसटीपी प्लांट लगाने के लिए दिया है। इसकी चर्चा तो चुनावी राज्यों में करते हैं लेकिन दिल्ली में जहरीले पानी में आस्था के महापर्व पर लोग डुबकी लगाने को मजबूर है। छठ समिति से जुड़े एस राहुल ने कहा कि शुक्रवार से छठ पूजा की शुरुआत हो रही है, लेकिन सरकार की तरफ से न तो घाटों की सफाई हुई है और न ही यमुना की।
इस बीच दिल्ली छठ पूजा समिति अध्यक्ष शिवराम पांडे ने कहा कि वे लगभग एक महीने से छठ पूजा के लिए काम कर रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें जगह पता नहीं चल पाई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक पता नहीं चला है कि इस साल छठ पूजा यमुना के घाट पर होगी कि नहीं।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल कहते हैं कि छठ पूजा यमुना के घाट पर होगी लेकिन उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इसकी अनुमति नहीं दी। हमें बुधवार को अनुमति मिल गई है लेकिन अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। दो दलों की राजनीति में यूपी और बिहार के लोग और छठ पूजा फंस गई है। उन्होंने कहा कि वे 1984 से आईटीओ यमुना घाट पर छठ पूजा करते आ रहे हैं।
झाग खत्म करने के लिए जल बोर्ड ने किया स्प्रे
छठ पर्व से पहले यमुना नदी में झाग आने पर उसे खत्म करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने शुक्रवार को केमिकल का स्प्रे कराया। कालिंदीकुंज में घाटों पर छठ पूजा काफी जोर-शोर से की जाती है। वहां जल बोर्ड के कर्मी नाव से केमिकल का स्प्रे करते नजर आए।