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भाजपा का दावा: किरायेदारों से किये वादे को पूरा करने में केजरीवाल सरकार पूरी तरह फेल

Tue, 14 Sep 2021 09:13 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली भाजपा का आरोप है कि कोरोना के दौरान केजरीवाल सरकार ने दिल्लीवालों से जो वादे किए थे उनमें से एक भी पूरे नहीं किए हैं, ढूंढने से भी कोई किरायेदार नहीं मिलेगा जिसकी आर्थिक मदद हुई हो।
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अरविंद केजरीवाल और आदेश गुप्ता - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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दिल्ली भारतीय जनता पार्टी ने केजरीवाल सरकार पर किरायेदारों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा है कि सरकार ने यह वादा किया था कि आर्थिक तंगी की वजह से किराया नहीं देने पर उसका भुगतान दिल्ली सरकार किराए में रहने वाले घर के मालिक को करेगी। लेकिन एक भी मकान मालिक ढूंढने से नहीं मिलेगा जिसे आर्थिक मदद सरकार ने दी हो।

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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोरोना की पहली लहर आई तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 29 मार्च को दिल्ली के मकान मालिकों से यह वादा किया था। कोरोना काल में जो-जो वादे किए उन्होंने उसे पूरा नहीं किया चाहे वह दो महीने मुफ्त राशन देने की बात हो, ऑटो वालों को 5000 रुपये देने की बात हो या फिर कोरोना से हुई मौत पर परिवारवालों को 50000 की सहायता राशि देनी हो। कोरोना के कारण हुए अनाथ बच्चों के लिए शिक्षा और उन्हें 25 वर्षों तक 2500 रुपये प्रति माह पेंशन देने की बात भी हवा-हवाई साबित हुई। डॉक्टर, सफाई कर्मी पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी को भी एक करोड़ रुपए देने का वादा दिल्ली सरकार ने पूरा नहीं किया। 

यह भी पढ़ें: भाजपा का आरोप: दिल्ली सरकार सस्ती शोहरत बटोरने में लगी है, प्रदूषण से मुक्ति के लिए नहीं किया कोई खास काम
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उन्होंने कहा कि 10 सितंबर को दिए अपने एक बयान में कोर्ट ने भी कहा कि सिर्फ लोगों से वादे कर देना सरकार का काम नहीं है बल्कि उन वादों पर अमल करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में कुल 9 लाख लोग किराए पर रहते हैं। लेकिन इन सभी लोगों के साथ अरविंद केजरीवाल ने झूठे वादे करके धोखा किया है।

लोग मुख्यमंत्री आवास के बाहर नारे लगाते रहे, धक्के खाते रहे ताकि सरकार ने जो दिल्ली वालों से और खासकर किराए पर रहने वालों से वादा किया है, उसे पूरा करें, लेकिन केजरीवाल के सरकारी तंत्रों ने एक भी नहीं सुनी और हारकर बाद में लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
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उन्होंने कहा कि कोर्ट द्वारा छह सप्ताह का समय देने के बावजूद दो हफ्ते बीत गए हैं, लेकिन केजरीवाल सरकार ने एक भी किराएदार को पैसा नहीं दिया है। 29 अगस्त को याचिकाकर्ताओं द्वारा केजरीवाल को पत्र भी लिखा गया और साथ ही फोन पर संपर्क करने की कोशिश भी की गई ताकि जानकारी मिल सके अभी तक कितने किरायेदारों को किराए के पैसे दिए गए हैं, लेकिन इसका कोई उत्तर सरकार द्वारा नहीं दिया गया।

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