दो दिसंबर से शुरू हो रहा विधानसभा सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं। अनधिकृत कॉलोनियों पर भाजपा विधायक दल ने दिल्ली सरकार को सत्र के दौरान घेरने की नीति तैयार की है। भाजपा अनधिकृत कॉलोनियों पर चर्चा कराने की मांग करेगी। विधानसभा अध्यक्ष ने अगर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी तो काम रोको प्रस्ताव लाने के मूड में है।
विपक्ष सदन को बताएगा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री के लिए विशेष प्रबंध करने का दावा कर रहे हैं, यह दावा झूठा है। डीडीए सहायता केंद्र बनाकर कच्ची कॉलोनियों में रहने वालों की राह आसान करने की योजना तैयार कर रहा है।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 2 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सभी दावों को बेनकाब भाजपा विधायक करेंगे।
सदन में काम रोको प्रस्ताव लेकर आएंगे, जिसके तहत दिल्ली सरकार को हम चुनौती देंगे कि वे सभी काम रोककर पहले अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख से अधिक लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक देने के संबंध में चर्चा करें। विपक्ष पर मार्शलों का इस्तेमाल नहीं करें।
गुप्ता ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार जनता के बीच झूठ बोल रहे हैं कि जब रजिस्ट्री जनता को मिल जाएगी, तब मानूंगा कि हम उसी विषय पर बात करना चाहते हैं। केंद्र सरकार दिल्ली में 16 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू कर रही है। पूरी दिल्ली में कुल 21 सब रजिस्ट्रार हैं। एक दिन में 10 से ज्यादा सेल डीड नहीं हो सकती है।
भारत सरकार और डीडीए की वेबसाइट पर लाखों लोग अपने घरों के मालिकाना हक के लिए रजिस्ट्रेशन करेंगे। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि इन सब के लिए उन्होंने विशेष प्रबंध कर रखे हैं। डीडीए ने 600 नक्शे अपलोड किये हैं, लेकिन 57 महीने के कार्यकाल में आम आदमी पार्टी ने अनधिकृत कॉलोनियों का एक भी नक्शा या बाउंड्री नहीं की।
सदन में दिल्ली सरकार से हम इसे लेकर चर्चा करने की मांग करेंगे। बताएंगे कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जनता के बीच झूठ फैला रही है। पहले 15 साल कांग्रेस ने लटकाया और 5 साल आम आदमी पार्टी ने भटकाया, लेकिन महज 100 दिन में मोदी सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित कर दिखाया।