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Delhi Assembly Session: स्वास्थ्य विभाग की कैग रिपोर्ट पर हंगामा, भाजपा और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप

Tue, 04 Mar 2025 04:05 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

भाजपा के एक दर्जन से अधिक विधायकों ने आरोप लगाया कि दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए हैं। उन्होंने तत्कालीन आप सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि रिपोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि जनता के पैसों का दुरुपयोग हुआ और स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाले हुए।
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दिल्ली विधानसभा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कैग रिपोर्ट पर आरोप-प्रत्यारोप व हंगामे के बीच तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों का हवाला देते हुए पूर्व सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, उनके संबोधन के दौरान आप के विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भाजपा शासित राज्यों में कैग रिपोर्ट पर चर्चा न कराए जाने का मुद्दा उठाया। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रिपोर्ट पर तीन माह के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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भाजपा के एक दर्जन से अधिक विधायकों ने आरोप लगाया कि दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए हैं। उन्होंने तत्कालीन आप सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि रिपोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि जनता के पैसों का दुरुपयोग हुआ और स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाले हुए। भाजपा ने कहा कि विभाग के कार्यों में पारदर्शिता का घोर अभाव था और स्वास्थ्य सुविधाओं के वितरण में अनियमितताएं पाई गईं। इस दौरान आप के विधायकों ने इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि भाजपा इन मुद्दों को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। आप विधायक अनिल झा ने भाजपा विधायकों के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ये रामलीला कर रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें चेतावनी दी, लेकिन कुछ देर बाद हंगामा बढ़ने पर उन्हें मार्शल आउट कर दिया। इसके बाद आप विधायक कुलदीप कुमार को भी हंगामा करने पर मार्शल आउट किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि कोरोना काल में फंड का समुचित उपयोग नहीं किया गया और दिल्लीवासियों को छोड़ दिया गया। कैग रिपोर्ट के अनुसार, 2016-22 के दौरान राजीव गांधी, एलएनजेपी, जनकपुरी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और चाचा नेहरू अस्पताल के लिए आवंटित फंड का इस्तेमाल नहीं किया गया। इन अस्पतालों की हालत बद से बदतर हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 2016-17 में 10,000 बेड देने का वादा किया गया था, लेकिन केवल 1367 बेड ही लगाए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों के साथ मिलीभगत की और उस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय घाटा हुआ।

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रेखा गुप्ता ने विपक्ष के हंगामे पर कसा तंज, आतिशी को दी चेतावनी : नई दिल्ली। विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केवल दो रिपोर्ट सदन के पटल पर आई हैं और जैसे-जैसे और रिपोर्ट सामने आएंगी, आम आदमी पार्टी के काले चिट्ठे खुलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आप नेताओं को इन रिपोर्टों के सामने आने से डर है और वे परेशान हैं।

मुख्यमंत्री ने आप विधायकों पर हमला बोलते हुए कहा कि कोविड-19 के दौरान लाखों लोगों ने जो तकलीफें सहीं, उनके परिवारों के साथ जो घटनाएं घटीं, वह सोच कर दिल दहल जाता है। आज जब इस मुद्दे पर सदन में चर्चा हो रही है तो आप के विधायक हंस रहे थे। रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि पिछले दस सालों में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है। रेखा गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार का पूरा स्वास्थ्य विभाग और उसके अस्पताल खुद बीमार हैं। इन अस्पतालों को पहले इलाज की जरूरत है। इस मौके पर रेखा गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनको आतिशी की चिंता होती है, कहीं अरविंद केजरीवाल ने उन्हें फंसा कर किसी मुश्किल में न डाल दिया हो। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि केजरीवाल का इतना अधिक पक्ष आतिशी न लें, कहीं स्वाति मालीवाल के साथ जो घटना घटी, वही आतिशी के साथ न घट जाए। उनको मुझे इस बात की चिंता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कैग रिपोर्ट पर उठाए गंभीर सवाल
विधानसभा में कैग की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में तत्कालीन आप सरकार के दौरान स्वास्थ्य विभाग में कई गंभीर चूक और अनियमितताएं उजागर हुई हैं। उन्होंने बताया कि सीएजी रिपोर्ट में 2016-17 से 2021-22 तक के समय में हुई कमियों का विवरण दिया गया है, जिनमें स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी, आवश्यक दवाओं और उपकरणों की अनुपलब्धता, खराब एंबुलेंस सेवाएँ और वित्तीय कुप्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल हैं। विशेष रूप से 2018-19 के दौरान स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए आवंटित बजट का 78.41 प्रतिशत हिस्सा अनुपयोगी रहने की बात सामने आई है। इसके अलावा, सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी भी रिपोर्ट में उल्लेखित की गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने इस रिपोर्ट को लोक लेखा समिति को भेजने का निर्णय लिया और तीन माह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग को एक माह के भीतर अपनी अनुपालना कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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आप का दावा, आप सरकार का स्वास्थ्य मॉडल पूरे देश में बेहतर
दिल्ली विधानसभा के सदन में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कैग रिपोर्ट पर चर्चा की गई। इस दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक गोपाल राय ने कहा कि कैग की रिपोर्ट में भी स्वीकारा गया है कि देश भर की राज्य सरकारों के स्वास्थ्य मॉडल के इंडेक्स में दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले स्थान पर है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए शानदार कदम उठाएं। देश में पहली बार मोहल्ला क्लीनिक खुले। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जमीन, पब्लिक ऑर्डर और पुलिस को छोड़कर सारे अधिकार चुनी हुई दिल्ली सरकार को दिए थे, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर इस फैसले को पलट दिया और कानून बना दिया कि दिल्ली सरकार कोई भर्ती नहीं कर सकती। अस्पतालों में स्टाफ की कमी के लिए भाजपा की केंद्र सरकार जिम्मेदार है।उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से सदन सीएजी की रिपोर्ट पर चर्चा कर रहा है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तीन बातें है। एक एनसीआर में स्थित स्वास्थ्य सेवाओं का पर अनुकूल असर है। दूूसरे स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए अलग-अलग अस्पतालों खाली पदों को भरा नहीं गया। तीसरे में दिल्ली के अंदर नए अस्पतालों और बेड्स के विस्तार के काम में 2022 तक क्या स्थिति थी, उस पर जिक्र किया गया है।  आप सरकार ने केंद्र सरकार के विरोध के बावजूद दिल्ली में अच्छा काम किया।  

आतिशी ने भाजपा पर साधा निशाना, सीएजी रिपोर्ट पर तीखा हमला बोला
विधानसभा में सोमवार को सीएजी रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में कभी भी सीएजी रिपोर्ट पर चर्चा नहीं कराई जाती। लिहाजा उन्हें खुशी है कि कम से कम आम आदमी पार्टी के बहाने ही सही, भाजपा की सीएजी रिपोर्ट के प्रति आस्था जगी है। उन्होंने भाजपा की आयुष्मान भारत योजना को भी ‘’चमत्कारिक’’ बताते हुए कहा कि सीएजी रिपोर्ट में यह सामने आया कि 88 हजार लोगों का मरने के बाद इलाज किया गया और दो लाख लोगों का डिस्चार्ज के बाद सर्जरी की गई। आतिशी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में जब भी सीएजी रिपोर्ट आती है, तो वे चर्चा करने से इन्कार कर देती है। उन्होंने उत्तराखंड और द्वारका एक्सप्रेसवे की सीएजी रिपोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने इन रिपोर्टों पर चर्चा नहीं करने का फैसला लिया। आतिशी ने विधानसभा में भाजपा नेताओं की भाषा पर भी सवाल उठाया और कहा कि भाजपा सदन में केवल आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को गाली देने में व्यस्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग काम करने के लिए भाजपा को भेजे हैं, गालियां देने के लिए नहीं।
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