दिल्ली में सोमवार को विधानसभा से लेकर सड़क तक सियासी हंगामा बरपा। सदन की पहले दिन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। उपराज्यपाल पर दिल्ली सरकार के कामकाज पर दखल देने का आरोप लगाते हुए सत्ता पक्ष के सदस्य भड़के। वहीं, विपक्ष प्रदूषण पर चर्चा न करवाने से नाराज दिखा। दिल्ली सरकार को प्रदूषण के मुद्दे पर घेरने के लिए भाजपा विधायक मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाकर अपने साथ ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर आए थे। उनके इस कदम पर विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई और सिलिंडर बाहर करने के निर्देश दिए।
आलम यह रहा कि एक घंटे में तीन बार सदन की कार्यवाही विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल काे स्थगित करनी पड़ी बावजूद इसके सदन में कोई कामकाज नहीं हो सका। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आप विधायकों ने राजनिवास तक पैदल मार्च निकाला। रास्ते भर आप विधायक नारेबाजी करते रहे।
राजनिवास से पहले ही पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कैबिनेट सदस्यों व आप विधायकों को रोक लिया। उपराज्यपाल इस दौरान मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री से मुलाकात पर राजी दिखे लेकिन मुख्यमंत्री विधायकों के साथ जाने पर अड़े रहे। नतीजतन दोनों के बीच मुलाकात नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता तानाशाही सहन नहीं करेगी, दिल्ली लोकतंत्र से चलेगी। उपराज्यपाल को संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश मानने ही पड़ेंगे। दिल्ली को तानाशाही नहीं, बल्कि संविधान और जनतंत्र चाहिए, जनता के हक के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल के दिल्ली सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप करने का मुद्दा उठाया। इसी बीच आप विधायक शोरशराबा करने लगे। इनके हाथों में उपराज्यपाल विरोधी नारे लिखी तख्तियां थीं। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नेे 10 मिनट तक बैठक स्थगित कर दी। दोबारा बैठक शुरू होने पर सौरभ भारद्वाज एक बार फिर उपराज्यपाल के मसले पर बोलने लगे, मगर आप विधायकों ने एक बार फिर हंंगामा कर दिया। लिहाजा विधानसभा अध्यक्ष ने 30 मिनट तक बैठक स्थगित करने की घोषणा की। तीसरी बार बैठक आरंभ होने के दौरान भी आप विधायकों ने उपराज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी।
इस बार विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार तक बैठक स्थगित कर दी। विधानसभा स्थगित होने के बाद आप विधायक नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय के सामने आ गए। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री हाथ में उपराज्यपाल के खिलाफ नारे लिखी तख्ती लेकर अपने कक्ष से निकले और विधायकों के साथ विधानसभा परिसर से राजनिवास के लिए मार्च शुरू कर दिया। आप विधायक उपराज्यपाल के खिलाफ नारे लगाते हुए चले। सभी विधायकों व मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां भी ले रखी थीं। उन्होंने मुख्य रूप से उपराज्यपाल पर शिक्षकों को ट्रेनिंग नहीं करने देने का आरोप लगाया।
आप विधायकों के राजनिवास जाने के दौरान श्याम नाथ मार्ग से राजनिवास मार्ग की ओर मुड़ते ही पुलिस ने उनको आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने यहां पर बैरिकेड लगा रखे थे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री समेत तमाम विधायकों के मार्च करने के बारे में राजनिवास को अवगत कराया। इस बीच राजनिवास से संदेश भेजा गया कि उपराज्यपाल से अकेले मुख्यमंत्री मिलने के लिए आ सकते हैं, मगर मुख्यमंत्री समस्त विधायकों के साथ जाने की बात करने लगे, जिसकी राजनिवास ने स्वीकृति नहीं दी। इसके बाद मुख्यमंत्री व सभी विधायक लौट आए।