दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। यह चार दिन का सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। दरअसल विपक्ष दिल्ली में घुसपैठियों की पहचान करने जैसे कई संवेदनशील मुद्दे को उठाकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
ऐसे कई मुद्दे पर सरकार का रुख नरम रहने की उम्मीद है। विपक्ष के इस मांग पर अल्पसंख्यक समुदाय के सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ विपक्ष का नोकझोंक तय माना जा रहा है।
दरअसल, भाजपा देश में घुसपैठियों के मुद्दे पर सख्त रुख अपना रखी है। वहीं, महिलाओं के साथ व्यवहार का भी मुद्दा विधानसभा में उठेगा। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि सदन में महिलाओं के सम्मान को लेकर मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पाखंड पर भी प्रहार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक रैली में महिलाओं के सम्मान की दुहाई देते है। वहीं उनके परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत वरिष्ठ आईएएस महिला अधिकारी वर्षा जोशी के साथ भरी मिटिंग में अपमानजनक व्यवहार कर मानसिक रूप से उनका उत्पीड़न करते हैं।
महिला की बात सदन में उठते ही हंगामा होना तय है। सत्ता पक्ष के सदस्य भी बिहार में भाजपा व जेडीयू के गठजोड़ वाली सरकार पर भाजपा को घेरेगी। मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रेप मामले पर भी विपक्ष से जवाब पूछेगी।
दिल्ली सरकार को घेरने की तैयारी में भाजपा
विधानसभा सत्र में भाजपा ने सरकार को घेरने की नीति तैयार की है। सदन में जहां भाजपा विधायक दल घुसपैठियों का मुद्दा उठाएगा। वहीं बिना टेंडर के 1000 बसें किराए पर लाने पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास होगा।
बसों को लेकर सदन में विपक्ष सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाएगी। विपक्ष ने यह भी कहा है कि सदन में सरकार के कुशासन, अनियमितताएं और भ्रष्ट आचरण का भी भंडाफोड़ किया जाएगा।
गुप्ता ने कहा कि नियम 55 के तहत सदन को यह बताया जाएगा कि सरकार 2.93 लाख फर्र्जी राशन कार्डों को निरस्त करने में देरी कर रही है। विपक्ष सरकार से जानना चाहेगा कि अब तक नए राशन कार्ड बनाने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। नियम 89 के तहत दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार, यमुना की सफाई, कर्मचारियों के वेतन पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेंगे।
नियम 33 के तहत सरकार से पूछेंगे कि आशा किरण में मंद बुद्धि बच्चों की देखभाल की कुव्यवस्था क्यों है। बुराड़ी ट्रांसपोर्ट ऑथरिटी में अनियमितता क्यों नहीं खत्म हो रही। दिल्ली में बिना परमिट के टैक्सियों को चलने दिया जा रहा है।
केंद्रीय सरकार के आदेशों की अवहेलना कर कॉमर्शियल गाड़ियों के ड्राइवरों से हर तीन साल बाद लाईसेंस नवीकरण क्यों किया जा रहा है। विधायक फंड जारी करने में देरी क्यों हो रही है। इसके साथ दिल्ली वालों की मूलभूत समस्याओं को भी सदन में उठाया जाएगा।
विपक्ष की तैयारी
विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष को नियम 33 के तहत जनहित से जुड़े 62 विषयों पर लगभग 300 प्रश्नों का जवाब मांगा है। इसी तरह नियम 55 के तहत लोक महत्व के 13 विषयों पर विधानसभा में चर्चा के लिए अध्यक्ष को नोटिस दिया गया है।
इसी तरह नियम 280 के तहत 50 महत्वपूर्ण विषय उठाने का निर्णय लिया है। नियम 89 के तहत अध्यक्ष को 6 विषयों पर गैर सरकारी संकल्प पेश करने का नोटिस भेजा है।