दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब तक किसी भी सियासी दलों ने घोषणा पत्र जारी नहीं किए हैं। लेकिन जनता को सपना दिखाने में उनके उम्मीदवार पार्टियों से आगे निकल चुके हैं। सभी दलों के उम्मीदवार अपने विधानसभा क्षेत्रों में घोषणा पत्र जारी कर जनता से संपर्क साधने लगे हैं। कोई 5 हजार रुपये मासिक पेंशन तो कोई अस्पताल बनाने का वादा कर रहा है। इतना ही नहीं, कुछ ने तो घोषणा पत्र पर साफ साफ लिखवाया है कि यह पार्टी द्वारा घोषित योजनाओं के अतिरिक्त (बोनस) हैं।
मुंडका विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. नरेश कुमार ने रैली के दौरान लोगों से अत्याधुनिक तकनीकों से लैस दो अस्पतालों के निर्माण कराने का वादा किया है। सोमवार को बाबा हरिदास कॉलोनी, लेखराम पार्क, टिकरी एक्सटेंशन, रामनगर कॉलोनी, फ्रेंड्स एंक्लेव ए ब्लाक व जैन नगर में रैली निकालते हुए डॉ. नरेश कुमार ने लोगों से जनता की हर समस्याओं को निपटाने का दावा किया।
वहीं मटियाला से कांग्रेस प्रत्याशी सुमेश शौकीन ककरोला में आयोजित सभा में कहा कि सड़कें और पानी उनकी पहली प्राथमिकता हैं। इसके अलावा वे छह दिन जन सुनवाई के लिए अलग-अलग वार्ड में कार्यालय खोलेंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि आम आदमी पार्टी ने सड़कें खोदने का काम किया है और अब वे उन्हें बनवाने का काम करेंगे। ठीक इसी तरह से कांग्रेस के ही पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर सीट से उम्मीदवार डॉ. हरीदत्त शर्मा पांच-पांच हजार रुपये मासिक पेंशन दिलाने का वादा कर रहे हैं।
घोषणा पत्र के साथ जीवन परिचय भी
हरी नगर से भाजपा प्रत्याशी तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने घोषणा पत्र के साथ साथ अपना जीवन परिचय तक जारी कर दिया है। खुद को नेता नहीं, बेटा कहते हुए 60 दिन के अंदर स्मॉग टॉवर लगाने, हर वार्ड में डिस्पेंसरी, क्रिकेट स्टेडियम, सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग इत्यादि कराने के दावे कर रहे हैं। पश्चिमी दिल्ली सांसद प्रवेश वर्मा ने इसे जारी किया है।
जनता के बीच फ्री-फ्री योजना
कांग्रेस और भाजपा के अलावा आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी अपने अपने घोषणा पत्र लेकर जनता के बीच में हैं। आम आदमी पार्टी के मोती नगर विधानसभा से प्रत्याशी शिवचरण गोयल फ्री योजनाओं का लाभ आगे भी दिलाते रहने का वादा कर रहे हैं।
तीनों पार्टियों के घोषणा पत्र का इंतजार
आगामी 8 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए करीब 10 दिन का वक्त शेष है। अभी तक किसी भी दल ने घोषणा पत्र जारी नहीं किए हैं। ऐसे में प्रत्याशियों ने पार्टियों से पहले ही जनता के पास जाने के लिए वादों का पिटारा खोल दिया है।