दिल्ली में भाजपा के पास कई मुख्यमंत्री का चेहरा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्ष वर्धन इस क्रेडिट लाइन साफ सुथरी छवि के कारण अच्छा स्थान रखते हैं। लेकिन उनके नाम की चर्चा पुराने भाजपा के कार्यकर्ता और दिल्ली वासी करते हैं। भाजपा नेता सचिन गुप्ता के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव में आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की बजाय हर्ष वर्धन ही पार्टी का चेहरा रहे होते तो तस्वीर कुछ और होती। आम आदमी पार्टी को सत्ता पाने के लिए फिर कड़ा मुकाबला करना पड़ता।
विजय गोयल पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। दिल्ली पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वह पिछले कुछ साल से दिल्ली की राजनीति में ज्यादा सक्रिय हैं। लोकसभा चुनावल 2019 के बाद से विजय गोयल हर स्तर पर भाजपा को सत्ता में लाने और अपनी छवि में चमक लाने के लिए भरसक कोशिश कर रहे हैं। मनोज तिवारी भाजपा के अध्यक्ष हैं। शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने एक बार उन्हें दिल्ली का चेहरा तक बता दिया था। हालांकि प्रकाश जावड़ेकर की टीम इस मामले में फूंक-फूंककर कदम रही है।
प्रधानमंत्री मोदी और शाह ने भी नहीं किया इशारा
रविवार को दिल्ली के राम लीला मैदान में धन्यवाद रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कच्ची कालोनियों को पक्की करने के केंद्र सरकार के तोहफे को भी याद किया। इस दौरान दिल्ली के करीब-करीब दिग्गज नेता मंच पर थे। लेकिन प्रधानमंत्री ने दिल्ली में मुख्यमंत्री का चेहरा या चुनाव के लिए नेतृत्व करने वाले चेहरे की तरफ कोई इशारा नहीं किया।
केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी इसको लेकर मौन हैं। भाजपा दिल्ली में सभी चेहरों को आगे करके विधानसभा चुनाव लडऩे के मूड में है। मुख्यमंत्री का चेहरे पर कोई फैसला चुनाव नतीजा आने के बाद लिए जाने की रणनीति है।