दमघोंटू हवा को चुनावी मुद्दा बनाने के लिए सामुदायिक स्तर पर काम कर रही दिल्ली की करीब 150 संस्थाओं ने मोर्चा संभाला है। पर्यावरण विशेषज्ञ दिल्ली की अलग-अलग विधानसभाओं में मतदाताओं के टाउन हॉल बैठकें करके उनका फीडबैक जुटा रहे हैं। 3 फरवरी तक करीब 20 बैठकों के जरिये ‘दिल्ली धड़कने दो’ नाम की मुहिम को बड़ी आबादी तक पहुंचाने की कोशिश है।
इस कड़ी में मंगलवार को मंगोलपुरी व रिठाला विधानसभा क्षेत्र में बैठकें की गईं। इसमें लोगों की राय ली गई। 3 फरवरी तक बैठकों का मसौदा तैयार कर वोटिंग से पहले तीनों प्रमुख दलों को सौंपा जाएगा।
वहीं, सरकार बनने के बाद दिल्ली के नए मुख्यमंत्री से भी इस पर चर्चा होगी। योजना के तहत नागरिक समूहों की कोशिश आम लोगों की राय व उनके सुझाव उनके मुख्यमंत्री तक पहुंचाना है। इसके जरिये सरकार को जनता के बुनियादी मुद्दे पर लाया जा सकेगा।
आयोजकों का कहना है कि ‘दिल्ली धड़कने दो’ मुहिम ‘माई राइट टू ब्रीद’ की अगुवाई में चल रहा है। इसमें पर्यावरण पर काम करने वाली करीब 150 संस्थाओं समेत आरडब्ल्यूए, ई-रिक्शा, ऑटो संगठन भी शामिल हैं।
सोमवार को इसकी शुरुआत करावल नगर, दिल्ली कैंट और आरके पुरम विधानसभा में बैठकों से हुईं। वहीं, मंगलवार को मंगोलपुरी व रिठाला में लोगों से बात हुई। तीस विधानसभाओं में तीन लाख लोगों तक इस मुहिम को ले जाने की योजना है।