ऑटो एक्सपो-2020 में होंडा कार, टोयोटा मोटर्स जैसी कंपनियों के वाहन इस बार नहीं दिखाई देंगे। हालांकि, चीन की बड़ी कंपनी एमजी मोटर्स, ग्रेट वॉल मोटर्स, हाईनेक्स समेत 20 स्टार्टअप कंपनियां प्रदर्शनी में इनकी कमी को पूरा करेंगी।
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वर्ष 2018 में जहां कुल 119 कंपनियों ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था। वहीं, इस बार इनकी संख्या कम होकर 104 रह गई है। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटो मोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) में कुल 51 कंपनियां सदस्य हैं।
ऑटो एक्सपो में वर्ष 2018 में इनमें से 42 कंपनियों ने हिस्सा लेकर अपने वाहनों को प्रदर्शित किया था। इस वर्ष इनमें से 36 कंपनियां ही हिस्सा ले रही हैं। विशेषकर बड़ी कंपनियों में होंडा और टोयोटा ने प्रदर्शनी से किनारा कर लिया है।
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वहीं, हीरो, होंडा, टीवीएस और यामाहा जैसी कंपनियों की अनुपस्थिति में आटो शो फीका हो सकता है। हालांकि, चीन की ग्रेेट वॉल मोटर, एमजी मोटर और हाईनेक्स कंपनी बड़े स्तर पर अपने वाहनों का प्रदर्शन कर शो का आकर्षण चुराने का प्रयास जरूर करेंगी।
इस शर्त के कारण नहीं आईं कंपनियां
भारत सरकार की ओर से बीएस-6 (भारत स्टेज-6) इंजन वाले वाहनों को ही ऑटो एक्सपो में उतारने की शर्त कई बड़ी कंपनियों के लिए सिरदर्द बन गई। एक अप्रैल 2020 के बाद से बीएस-6 वाहन नहीं होंगे तो रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, इस शर्त के बाद अधिकतर बाइक और स्कूटी कंपनियों के पास इतने मॉडल नहीं हैं कि वह बीएस-6 मानक वाले वाहन उतार सके। वहीं, कार कंपनियों के सामने भी बहुत अधिक वाहन बीएस-6 मानक वाले नहीं होने के चलते ऑटो कंपनियों ने प्रदर्शनी से दूरी बना ली है।