80 मोबाइल एंटी स्मॉग गन से रोकेंगे प्रदूषण
राजधानी में प्रदूषण के 13 हॉटस्पॉट हैं। यहां प्रदूषण कम करने के लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने समन्वय समितियां बनाई हैं। उन्होंने शुक्रवार को संबंधित विभागों के साथ बैठक की। राय ने बताया कि धूल प्रदूषण कम करने के लिए राजधानी में 80 मोबाइल एंटी स्मॉग गन लगाई गई हैं। एमसीडी के डीसी को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ हॉटस्पॉट का लगातार दौरा करने का निर्देश दिया गया है।
हॉटस्पॉट में प्रदूषण के मुख्य स्रोत
आनंद विहार : आनंद विहार बस स्टेशन के सामने क्षतिग्रस्त सड़कें, वाहनों के आवागमन से धूल उत्पन्न होना। चौधरी चरण सिंह मार्ग पर जाम की समस्या, सड़क के किनारों पर धूल का जमाव, एनसीआरटीसी कंस्ट्रक्शन साइट प्रोजेक्ट, रेलवे एसटीपी के पास कच्चा क्षेत्र, एकीकृत पूर्वी दिल्ली हब प्रोजेक्ट, रेलवे स्टेशन के निकास पर जाम प्रदूषण के स्रोत हैं।
अशोक विहार : सीएक्यूएम स्टेशन के सामने सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम (आजादपुर मेट्रो से आजादपुर बस टर्मिनल), मेट्रो प्रोजेक्ट के बगल में गुरजनवाला टाउन के पास कच्ची सड़क, प्रदूषण के स्रोत हैं।
नरेला : डीटीसी बस डिपो में निर्माण कार्य, नरेला की खाली जगहों पर कचरे की डंपिंग, एनआईटी दिल्ली में निर्माण कार्य, जाम की समस्या, ट्रकों की समस्या, पॉकेट 9ए में डीडीए हाउसिंग प्रोजेक्ट में सड़क पर गड्ढे और सड़क की धूल आदि प्रदूषण के स्रोत हैं।
ओखला : मां आनंदमयी मार्ग और ओखला एस्टेट मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़क, ट्रैफिक जाम प्रदूषण के कारण हैं।
पंजाबी बाग : मोती नगर फ्लाईओवर का निर्माण, जाम, रोड नंबर 41 पर गड्ढे, रोहतक रोड की सर्विस लेन पर सीएंडडी वेस्ट की अवैध डंपिंग आदि प्रदूषण के स्रोत हैं।
आरके पुरम : जाम, सड़कों पर गड्ढे, एनबीसीसी की निर्माण साइट प्रमुख स्रोत हैं।
विवेक विहार : योजना विहार की सोसाइटियों में निर्माण और विध्वंस गतिविधि, बी-ब्लॉक, झिलमिल में टूटी सड़कों के कारण सड़क पर धूल का उड़ना, जाम आदि प्रदूषण के स्रोत हैं।
वजीरपुर : सीएक्यूएम स्टेशन के सामने टूटी सड़क, सड़क पर अतिक्रमण और कच्ची सड़क, जाम की समस्या, खुले में गार्बेज डम्पिंग वायु प्रदूषण का स्रोत हैं।
बवाना : महर्षि वाल्मिकी अस्पताल के बाहर अवैध कूड़ा डंपिंग और अस्पताल के बाहर यातायात, पूठ खुर्द रोड पर सड़क की धूल, दिल्ली-औचंदी रोड के किनारे लोक निर्माण विभाग की सर्विस सड़कों पर सीएंडडी कचरे की अवैध डंपिंग, निर्माणाधीन यूईआर-दो और अपना घर आश्रम मोड़ तक के क्षेत्र में जाम प्रदूषण के स्रोत हैं।