साकेत कोर्ट ने निजामुद्दीन मरकज तब्लीगी जमात मामले में शुक्रवार को इंडोनेशिया, किर्गिजस्तान और दक्षिण अफ्रीका के 53 नागरिकों को जुर्माना भरने पर रिहा कर दिया। इन विदेशी नागरिकों पर अवैध रूप से आयोजित तब्लीगी जमात में शामिल होने, वीजा नियमों और कोविड-19 महामारी संबंधी सरकारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन करने का आरोप था।
साकेत कोर्ट की महानगर दंडाधिकारी अर्चना बेनीवाल ने इंडोनेशिया के 40, किर्गिजस्तान के 12 और दक्षिण अफ्रीका के एक व्यक्ति को पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भरने के बाद रिहा करने का आदेश दिया। इस मामले में शिकायतकर्ता इलाका एसडीएम, लाजपत नगर एसीपी और एसएचओ निजामुद्दीन ने कहा कि उन्हें आरोपियों को रिहा करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
इन विदेशी जमातियों ने समझौता याचिका दायर कर अपना जुर्म कबूल किया और अदालत से सजा कम करने का अनुरोध किया था। इसके बाद कोर्ट ने इन विदेशी नागरिकों को जुर्माना लगाकर रिहा किया। कोर्ट ने कुछ समय पहले 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर इन्हें जमानत प्रदान की थी।
तब्लीगी जमात मामले में अदालत अब तक 908 विदेशी नागरिकों को जुर्माना लगाकर रिहा कर चुकी है। वहीं, अन्य 46 विदेशियों ने मुकदमा लड़ने की इच्छा जताई है। इन 46 विदेशियों के खिलाफ अदालत 10 अगस्त से मुकदमों पर सुनवाई करेगी। इन आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और निषेधाज्ञा उल्लंघन करने के भी आरोप हैं।