मालीवाल से मारपीट के मामले में गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के आरोपी बिभव कुमार की और से गिरफ्तारी के खिलाफ दायर आपराधिक रिट याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। उस पर सांसद स्वाति मालीवाल पर हमला करने का आरोप है।
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने इस पहलू पर प्रारंभिक दलीलें सुनीं। दिल्ली पुलिस ने कहा कि बिभव के पास मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर करने का वैकल्पिक उपाय है जिन्होंने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति नवीन चावला ने मामले को न्यायमूर्ति शर्मा की अदालत में स्थानांतरित कर दिया, जो संसद सदस्यों और विधानसभा सदस्यों (सांसदों/विधायकों) से जुड़े मामलों के लिए रोस्टर बेंच है।
दिल्ली पुलिस की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय जैन ने याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि कुमार की याचिका विचारणीय नहीं है, क्योंकि मजिस्ट्रेट अदालत ने इसी तरह की याचिका का निपटारा कर दिया था। जैन की दलीलों का विरोध करते हुए कुमार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि उनकी मुख्य प्रार्थना गिरफ्तारी को अवैध घोषित करना है क्योंकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन किया गया है।