अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ मानहानि के आरोप तय करने के मामले पर बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। पीएम मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर भाजपा नेता राजीव बब्बर ने यह शिकायत दायर की थी।
राउज एवेन्यू अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने शशि थरूर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय करने पर फैसला 27 अगस्त तक सुरक्षित रख लिया। कोर्ट के समक्ष खुर्शीद ने कहा कि बब्बर की शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है। वह इस मामले में पीड़ित नहीं हैं, क्योंकि कथित टिप्पणी पीएम मोदी के बारे में की गई थी।
इसलिए इस शिकायत को खारिज किया जाए। अदालत ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 27 अप्रैल 2019 को थरूर को बतौर आरोपी समन जारी किया था। थरूर के पेश होने के बाद कोर्ट ने 6 जून को उन्हें जमानत दे दी थी।
भाजपा नेता बब्बर ने शिकायत दायर कर आरोप लगाया था कि थरूर ने अक्तूबर 2018 में बंगलूरू में आयोजित एक कार्यक्रम में एक लेख का हवाला देते हुए बयान दिया था कि पीएम मोदी शिवलिंग पर बैठे बिच्छू की तरह हैं।
इस विवादित लेख में लेखक ने आरएसएस के एक सूत्र के हवाले से लिखा था कि उन्हें वहां से किसी भी तरह हटाया नहीं जा सकता। कथित सूत्र के हवाले से शशि थरूर ने अपनी कुंठा जाहिर करते हुए मोदी की तुलना बिच्छू से की थी।