अमेरिकी शोधकर्ता से दुष्कर्म मामले में फंसे पीपली लाइव के सह-निर्देशक महमूद फारुकी के खिलाफ आरोपों व जमानत याचिका पर अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा लिया।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने फारुकी की जमानत याचिका व आरोपों पर दलीलें सुनने के बाद फैसला 2 सितंबर तक सुरक्षित रख लिया।
अदालत ने पीड़िता के मोबाइल फोन की जांच प्राथमिकता के आधार पर करते हुए 15 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि फारुकी पर विदेशी शोधकर्ता से दुष्कर्म का गंभीर आरोप है।