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ये हैं यूपी पुलिस के दबंग सिंघम, फायरिंग के बीच दौड़ा दी कार

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नोएडा सेक्टर-62 के सी ब्लॉक स्थित सीडैक के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने बुधवार दिनदहाड़े गन प्वांइट पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से लूटपाट का प्रयास किया।
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तभी यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड) के सब इंस्पेक्टर मुनीश चौहान वहां पहुंच गए और उन्होंने बदमाशों के चंगुल से न केवल इंजीनियर की जान बचाई बल्कि बदमाशों का एक किलोमीटर तक पीछा किया।

इस दौरान बदमाशों ने सब इंस्पेक्टर मुनीश चौहान पर ताबड़तोड़ फायरिंग भी की, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। घटना बुधवार सुबह करीब सवा 11 बजे की है जब वसुंधरा निवासी मुनीश चौहान घर से वैगनआर कार से सेक्टर-58 स्थित अपने ऑफिस जा रहे थे।
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मुनीश यूपी एटीएस में सब इंस्पेक्टर हैं। जैसे ही मुनीश सेक्टर-62 के सी ब्लॉक स्थित सीडैक के पास पहुंचे, उन्होंने देखा कि काली पल्सर सवार दो बदमाशों ने एक शख्स को गन प्वाइंट पर ले रखा है।

बदमाश उससे लूट का प्रयास कर रहे थे। मुनीश ने फौरन अपनी कार रोकी और बदमाशों के चंगुल से उस शख्स को छुड़ाने का प्रयास किया।

इस दौरान बदमाशों ने हवाई फायरिंग कर दी। लेकिन मुनीश ने साहस का परिचय देते हुए बदमाशों के चंगुल से उस शख्स को छुड़ा लिया।

कार से किया बदमाशों का पीछा

बदमाश फौरन पल्सर स्टार्ट कर फरार हो गए। मुनीश ने उस शख्स को कार मेें बैठाया और बदमाशों का पीछे दौड़ पड़े। एक किलोमीटर तक मुनीश ने उन्हें दौड़ाया, इस दौरान बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग उनकी कार पर की। लेकिन वे बाल-बाल बच गए।

जेएसएस इंजीनियरिंग कॉलेज के पास भीड़-भाड़ होने की वजह से बदमाश फरार होने में सफल रहे। उसी दौरान दारोगा की कार भी खराब हो गई और वह दोबारा स्टार्ट नहीं हो सकी।

घटना के बाद से पीड़ित शख्स काफी घबराया हुआ था। उसकी पहचान मूलरूप से एटा स्थित शांतिनगर निवासी अतुल यादव के रूप में की गई। अतुल यहां इंदिरापुरम में रहते हैं और सेक्टर-62 स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

खौफ के साये में पीड़ित

अतुल यहां इंदिरापुरम में रहते हैं और सेक्टर-62 स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनका कहना है कि वे स्कूटी से ऑफिस जा रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने टक्कर मार दी जिससे उनकी स्कूटी गिर गई थी।

बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दे दिया होता मगर तब तक वहां एटीएस के एसआई पहुंच गए और वे बच गए। मामले की सूचना फौरन दारोगा ने सेक्टर-58 थाने के एसएसआई प्रदीप सिंह को दी।

मौके पर प्रदीप सिंह और एसएचओ रविकांत पाराशर ने पहुंच कर घटना की छानबीन की। एसआई के हौसले को सभी ने सराहाः एटीएस के एसआई की बहादुरी पर पुलिस अधिकारियों व पब्लिक के लोगों ने काफी सराहा।

जान पर खेल बचाया इंजीनियर

गन प्वाइंट पर बदमाशों ने इंजीनियर को ले रखा था और मुनीश ने अपनी जान पर खेल कर उसे बचाया भी और एक किलोमीटर तक पीछा भी किया। उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने पुरस्कृत करने की बात कही।

पुलिसमैन होने की वजह से यह मेरा फर्ज था कि बदमाशों के चंगुल से उस शख्स को छुड़ाया जाए और लुटेरों को पकड़ा भी जाए। बदमाशोें का पीछा किया मगर उसी दौरान मेरी गाड़ी खराब हो गई और बदमाश मेरे ऊपर फायरिंग कर फरार हो गए।
- मुनीश चौहान, एसआई, एटीएस

अतुल यादव की शिकायत पर सेक्टर-58 में लूट के प्रयास व हत्या के प्रयास की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। एटीएस के सब इंस्पेक्टर ने साहस का परिचय दिया। - डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी
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'मुझे गर्व है ‌कि मुनीश मेरी टीम में हैं'

मुनीश चौहान मेरी टीम के सदस्य हैं, इस बात का मुझे गर्व है। घटना की पूरी जानकारी मुझे मिली। मुनीश ने अपना फर्ज निभाया और पीड़ित की जान बचाई। हर पुलिसकर्मी को इसी जज्बे के साथ काम करना चाहिए। - योगेश सिंह, एएसपी एटीएस

अगर एटीएस के एसआई मुनीश चौहान ने सही वक्त पर पहुंचकर बदमाशों के चंगुल से मुझे न छुड़ाया होता तो शायद वे लूटपाट कर मेरी हत्या कर फरार हो जाते। मुनीश का तहे दिल से शुक्रिया और उनकी बहादुरी को सलाम। -अतुल यादव, पीड़ित सॉफ्टवेयर इंजीनियर
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