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दिसंबर में भी पसीना-पसीना कर रही सर्दी की गर्मी

Wed, 03 Dec 2014 01:41 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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कम होती हरियाली, नंगे होते पहाड़ों और बढ़ते प्रदूषण का असर अब मौसम पर दिखने लगा है। पहाड़ों से शुरू हुआ प्रकृति का गुस्सा अब मैदानी क्षेत्र मे फैलने लगा है।
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विशेषज्ञों के अनुसार इससे मौसम चक्र बिगड़ रहा है और पर्यावरण-समष्टि के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। मौसम केतेवरों से अब विशेषज्ञ भी परेशान हो गए हैं। मौसम की ऐसी हालत की उम्मीद किसी को नहीं थी।

इसमें खतरे की आहट महसूस की जा रही है। ऐसे मौसम से लोगों की सेहत और फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

दिसंबर में जहां लोग गर्म कपड़ों में लिपटकर कोहरे-पाले से बचाव करते नजर आते थे, वहीं इस बार पसीना-पसीना हो रहे हैं। पंखा और एसी चलाकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास किया जा रहा है।
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अभी तक वेस्टर्न डिटर्वेंस के चलते सर्दी के थोड़ा लेट होने का पूर्वानुमान जारी करने वाले मौसम विज्ञानी अब बेचैनी महसूस करने लगे हैं।

पहले भयंकर सूखा पड़ने और अब गर्मी केलंबे खिचने से विशेषज्ञ चिंतित हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इससे लोगों की सेहत पर दूरगामी परिणाम पड़ेंगे।

फिजीशियन डा. अविनाश शर्मा केअनुसार ऋतु चक्र सेहत का आधार है। इसमें बदलाव से लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाएगी। ऐसे में वह बीमारियों की चपेट में आ जाएंगे।

कृषि उपनिदेशक प्रयास डा. जेके तोमर के अनुसार फसलों की पैदावार का आधार मौसम है। तापमान कम न होने से शरदकालीन फसलों की पैदावार में भारी गिरावट आएगी। तत्काल तापमान में गिरावट आना जरूरी है। इससे समष्टि चक्र में बदलाव आने की भी आशंका है।

150 साल बाद सबसे ज्यादा गर्म रहा नवंबर माह
मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज सिंह के अनुसार नवंबर इतना गर्म 1880 मेें रहा था। अब 150 साल बाद ऐसी हालत सामने आई है। देश में 2010 में नवंबर मेें थोड़े दिन गर्मी रही थी, लेकिन यह इतना लंबे समय तक नहीं चली थी।

अमेरिकी ओशियन एंड एडमिनिस्ट्रेशन (नोआ) ने इसको लेकर चेतावनी जारी की है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को मौसम विज्ञानियों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

थोड़ी ठंडक का अहसास, पर ताप जस का तस
मंगलवार को तेज हवाएं चलने से लोगों को थोड़ी ठंडक का अहसास जरूर हुआ, लेकिन वास्तव में सर्दी नहीं पड़ रही थी। तापमान में गिरावट न आने से कोहरे-पाले की शुरूआत नहीं हुई और लोगों को गर्मी का अहसास हुआ।
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हवा के सीधे संपर्क में आने से लोगों को सर्दी लगती थी, लेकिन सीधी हवा से बचने पर या कमरे-आफिस में बैठने पर पंखा-एसी चलाने की जरूरत पड़ी।

मौसम विभाग के अनुसार महानगर का एक दिसंबर का न्यूनतम तापमान
2011 6 डिग्री सेल्सियस
2012 8 डिग्री सेल्सियस
2013 7 डिग्री सेल्सियस
2014 20 डिग्री सेल्सियस
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