बारह साल की मासूम निर्भया की स्थिति इस समय भी गंभीर बनी हुई है। अब तक उसके दो ऑपरेशन हो चुके हैं और उसे वेंटीलेटर सपोर्ट से हटा लिया गया है, लेकिन इसके बाद भी उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। एम्स अस्पताल के डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। उसकी सलामती के लिए हर तरफ प्रार्थनाएं की जा रही हैं। पुलिस ने इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अनेक संगठन अब आरोपी को मौत की सजा देने की मांग कर रहे हैं।
क्या हुआ था
वेस्टर्न रेंज की जॉइंट सीपी शालिनी सिंह ने बताया कि पश्चिम विहार की इस घटना के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की धर-पकड़ के लिए एक दर्जन से अधिक टीमें बनाकर हर तरफ उसकी खोजबीन की जा रही थी। पुलिस को सबसे अहम सुराग एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों से मिला, जिनमें आरोपी का हुलिया सामने आ गया था।
पुलिस ने कहा है कि इस घटना में अभी तक केवल एक आरोपी के ही शामिल होने की बात सामने आई है। अपराध का पूरा ब्यौरा और घटना में किसी अन्य के शामिल होने को लेकर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
अपराधी की जल्द से जल्द हो फांसी
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की दिल्ली प्रदेश संयोजक नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि किसी भी महिला या बच्ची के साथ होने वाली यह जघन्यतम कोटि का अपराध है। इस तरह की घटना के बाद कोई भी महिला अपनी पूरी जिंदगी इस चोट से उबर नहीं पाती है। इसे ध्यान में रखते हुए इस बेटी के अपराधी को जल्द से जल्द फांसी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्भया के अपराधियों को फांसी दी गई थी, लेकिन सजा मिलने में देर होने से सही संदेश नहीं जाता है, इसलिए इस तरह के अपराधों में जल्द से जल्द न्याय किया जाना चाहिए।
दिल्ली भाजपा संगठन महामंत्री सिद्धार्थन और नेहा शालिनी दुआ रविवार को पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देंगे। दिल्ली सरकार पीड़ित परिवार को पहले ही दस लाख रुपये की आर्थिक मदद दे चुकी है। इसके आलावा दिल्ली महिला आयोग ने डीएसएलएसए के माध्यम से भी दो लाख रूपये का अंतरिम मुआवजा उपलब्ध कराया है।
खतरनाक अपराधी है छोटी निर्भया का गुनहगार
अभी तक की जानकारी में सामने आया है कि छोटी बच्ची के साथ हैवानियत करने वाला यह व्यक्ति मंगोलपुरी इलाके का रहने वाला है। उसके ऊपर हत्या सहित कई अन्य मामले पहले भी दर्ज हो चुके हैं। उसे एक फैक्ट्री का मजदूर बताया गया है, लेकिन वह खतरनाक अपराधी भी साबित हुआ है। अभी तक इस वारदात में उसके साथ किसी अन्य के भी शामिल होने की बात सामने नहीं आई है, जबकि घटना की शुरुआत में इसमें दो लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही थी।
सिर्फ छह मिनट में हुई ये खतरनाक वारदात
दिल्ली पुलिस की थ्योरी मानें तो इस घटना में अपराधी केवल छह मिनट के लिए ही उस बिल्डिंग में रहा था। सीसीटीवी फुटेज में उसके बिल्डिंग में आने-जाने के बीच के समय के अंतर को देखकर यह जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि वह एह आदतन अपराधी है और घटना वाले दिन भी लूटपाट के लिए ही वह मौके की तलाश कर रहा था।
बिल्डिंग की पहली और दूसरी मंजिल पर लोगों के होने के कारण उसे लूट का मौका नहीं मिला, लेकिन तीसरी मंजिल पर मासूम के घर का दरवाजा खुला देख वह घर में घुस गया। संभवतया बदमाश को देखकर मासूम ने आवाज लगाकर लोगों से मदद पाने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच उसे शांत कराने के लिए आरोपी ने उस पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया।