सेहत के सपनों के सौदागर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। नकली फूड सप्लीमेंट की बिक्री और सप्लाई की चेन मल्टीनेश्ानल कंपनी की तरह है।
एमआर और थोक-रिटेल स्टाकिस्ट के सहारे सफेदपोशों के संरक्षण से 14 प्रदेशों में 15 बड़े गोदाम हैं। चिकित्सकों ने सेहत के नाम पर किसी पदार्थ केसेवन करने से लोगों को सावधान किया है। इसको लेकर सूबे में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
एसटीएफ की जांच में पता चला है कि ‘जहर’ का कारोबार देश के ज्यादातर हिस्से में फैला है। इस धंधे से जुड़े लोगों ने 14 प्रदेशों में 15 स्थानों पर तो वितरण के बड़े केंद्र बनाए हैं।
विदेशी सप्लीमेंट के नाम पर इसकी बिक्री देश के बड़े शहरों के ज्यादातर नामचीन जिम और फिटनेस सेंटरों में की जा रही है। डा. जीवी सिंह के अनुसार भूख बढ़ाने-घटाने और मसल्स डेवलप करने के लिए खिलाई जाने वाली ये दवाइयां सेहत पर भारी पड़ती हैं।
इनके प्रयोग से शरीर खोखला हो जाता है। चिकित्सकीय परामर्श के बाद भी इनको खरीदने के दौरान पक्का बिल अवश्य प्राप्त कर लें। यदि आपको रुटीन में किसी सप्लीमेंट की सलाह दी जाती है, तो उसका नमूना परीक्षण करा लें।
वहीं, डा. अविनाश शर्मा का कहना है कि जिम और फिटनेस सेंटरों में केवल फिजिकल करें, सप्लीमेंट आदि का सेवन आपको गंभीर बीमारियां दे सकता है।
डीओ फूड सेफ्टी विनीत कुमार यादव ने बताया कि शुरूआती जांच में अत्यंत घातक रसायन मिले होने के संकेत मिल रहे हैं। इससे कैंसर व कोढ़ जैसी भयानक बीमारी हो सकती हैं। इन ब्रांडों के लिए सूबे में अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्र सरकार को भी जानकारी भेजी गई हैं। वहां से प्रत्येक राज्य को अलर्ट भेज दिया जाएगा।