फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DDCA मानहानि केस: कुमार विश्वास ने केजरीवाल के सिर फोड़ा ठीकरा, कहा- मैंने अपनी ओर से कुछ नहीं कहा

Fri, 04 May 2018 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
kumar vishwas
विज्ञापन

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ मैंने अपनी ओर से कुछ नहीं कहा और जो कुछ भी कहा था वह आप नेता अरविंद केजरीवाल की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर कहा था।

विज्ञापन


इन बातों से अरुण जेटली को छवि जो भी क्षति हुई मुझे उसका खेद है। यह तर्क आप नेता कुमार विश्वास ने बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के समक्ष रखा। हाईकोर्ट ने कुमार विश्वास को पेश होने का निर्देश दिया था।  

बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पांच आप नेताओं ने तीन अप्रैल को माफी मांग ली थी। इसके बाद इन नेताओं पर चले मानहानि के तीनों मामलों की सुनवाई बंद हो गई थी लेकिन कुमार विश्वास ने माफी नहीं मांगी थी।  

विज्ञापन

आगे क्या कहा कुमार विश्वास ने..

kumar vishwas
जस्टिस राजीव सहाय एंडलॉ के समक्ष अरुण जेटली मानहानि मामले में पेश होकर कुमार विश्वास ने कहा वह भी इस मामले को आगे चलाना नहीं चाहते।

केस को बंद करने के लिये उचित बयान देने के लिये उन्हें समय चाहिये। कोर्ट ने इसके बाद केस की सुनवाई के लिये 28 मई की तारीख तय की है।  

पेश मानहानि मामले में नोटिस पर कुमार विश्वास ने अपने जवाब में कहा था कि उन्होंने केंद्रीय अरुण जेटली पर अपनी ओर से कोई आरोप नहीं लगाया था बल्कि अरविंद केजरीवाल के आरोपों का समर्थन किया था।
विज्ञापन

राघव चड्ढा, दीपक वाजपेयी, आशुतोष व संजय सिंह माफी मांग चुके हैं

कुमार विश्वास
मानहानि के इन मामलों में केजरीवाल के साथ राघव चड्ढा, दीपक वाजपेयी, आशुतोष व संजय सिंह ने एक अप्रैल को केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से माफी मांगी थी।

इसके इन मामलों को खत्म करने के लिये हाईकोर्ट व पटियाला हाउस में जेटली व आरोपियों की ओर से संयुक्त अर्जी दायर की गई थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।

पेश मामला दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) से जुड़ा है। मुख्यमंत्री केजरीवाल समेत छह आप नेताओं ने बयान जारी कर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाये थे।

इन नेताओं का कहना था कि वर्ष 1999 से 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष थे और उनके कार्यकाल में कामकाज में भारी वित्तीय अनियमितता हुई थी और निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें