डीडीए हाउसिंग स्कीम-2014 के ड्रॉ की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवाल पर डीडीए गंभीर है। डीडीए सफल आवेदकों की सूची की गहन समीक्षा कर रहा है। डीडीए उपाध्यक्ष बलविंदर कुमार ने बैंकों से डॉ में सफल आवेदकों द्वारा भरे गए फॉर्म व अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
डीडीए ने कहा है कि गलत दस्तावेज पाए जाने पर सफल आवेदकों के आवंटन को निरस्त कर दिया जाएगा और प्रतीक्षा सूची में शामिल आवेदकों को फ्लैट आवंटित किया जाएगा।
दरअसल, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) यह जानना चाहता है कि अगर नाम या फार्म नंबर को लेकर कोई गलती हुई है तो वह कहां से हुई। आवेदकों ने फॉर्म भरते समय गलती की या उसे अपलोड करने में बैंकों से गलती हुई।
डीडीए ने अधिकारिक बयान में कहा कि कुछ सफल आवेदकों के एक जैसे नाम होने के मामले की समीक्षा की गई है। नाम भले ही एक है, लेकिन उनके पैन कार्ड व अन्य दस्तावेज अलग-अलग हैं। महिला आवेदक के पुरुष के तौर पर हुए आवेदन में बैंकों की गलती पाई गई है।