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Delhi NCR News: लर्निंग लाइसेंस पर कार चलाने से डीडीए इंजीनियर की मौत, परिवार को 1.43 करोड़ मुआवजा

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-बीमा कंपनी पहले देगी मुआवजा, बाद में कार मालिक और चालक से वसूल सकेगी रकम
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
लर्निंग लाइसेंस पर कार चला रहे युवक की कथित लापरवाही से हुए हादसे में जान गंवाने वाले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के इंजीनियर के परिवार को 1.43 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा मिलेगा। दिल्ली के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजे की रकम जमा करने का निर्देश दिया है। हालांकि, बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर न्यायाधिकरण ने कंपनी को बाद में यह रकम कार मालिक और चालक से वसूलने का अधिकार भी दिया है। मामला सितंबर 2022 में हुए उस सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें 59 वर्षीय डीडीए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की मौत हो गई थी।

न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने कहा कि बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन हुआ था। हालांकि, पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलने में बाधा न आए, इसके लिए पे एंड रिकवर का सिद्धांत लागू किया। इसके तहत बीमा कंपनी पहले मुआवजा देगी और बाद में कार मालिक तथा चालक से रकम वसूल सकेगी। मुआवजे की गणना के लिए न्यायाधिकरण ने जुलाई 2022 की वेतन पर्ची के आधार पर इंजीनियर की कर कटौती के बाद की आय को माना। उनकी उम्र को देखते हुए भविष्य में आय बढ़ने की संभावना के लिए 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई। इसके बाद व्यक्तिगत खर्चों के लिए एक-तिहाई रकम घटाकर परिवार की आर्थिक निर्भरता के नुकसान का आकलन किया गया।
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16 नवंबर को अगली सुनवाई
न्यायाधिकरण ने परिवार को आर्थिक नुकसान के अलावा जीवनसाथी के साथ का नुकसान, संपत्ति के नुकसान, अंतिम संस्कार के खर्च और ब्याज सहित अन्य मदों में भी मुआवजा देने का आदेश दिया। कुल मुआवजा 1.43 करोड़ रुपये से अधिक निर्धारित किया गया। न्यायाधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना में लापरवाही को लेकर उसकी टिप्पणियां केवल मुआवजे के मामले तक सीमित हैं। इनका चालक के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मामले में आदेश के अनुपालन की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
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ब्रेक की जगह दबा दिया एक्सीलरेटर
मृतक की पत्नी की ओर से दाखिल याचिका के अनुसार, 17 सितंबर 2022 को इंजीनियर कार की अगली सीट पर बैठे थे। कार आरके पुरम में आउटर रिंग रोड पर सीएनजी पंप के पास खड़ी एक बस के पीछे से टकरा गई। हादसे के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें वसंत कुंज स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरीज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 20 सितंबर 2022 को उनकी मौत हो गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि कार चला रहा गुलफाम केवल लर्निंग लाइसेंस रखता था और इंजीनियर से ड्राइविंग सीख रहा था। इसी दौरान उसने ब्रेक की जगह एक्सीलरेटर दबा दिया, जिससे कार खड़ी बस से टकरा गई।
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