दिल्ली महिला आयोग ने जीएसटी काउंसिल के चेयरमैन और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर सेनेटरी नैपकिन को पूरी तरह टैक्स फ्री करने की मांग की है।
आयोग अध्यक्ष स्वाती मालिवाल ने पत्र में लिखा है कि लाखों-करोड़ों महिलाओं को बीमारियों से बचाने और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी नैपकिन को टैक्स से बाहर करना जरूरी है। फिलहाल सरकार ने केंद्रीय बजट में पहले ही सेनेटरी नैपकिन पर कुछ छूट देने की घोषणा कर रखी है।
स्वाति मालीवाल के मुताबिक, देशभर में ग्रामीण और निम्म मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाएं सेनेटरी नैपकिन के प्रति जागरूक नहीं है। इसके चलते सैकड़ों महिलाओं को कई प्रकार की बामारियां हो जाती हैं। इसलिए सेनेटरी नैपकिन को टैक्स से बाहर कर देना चाहिए, ताकि उसके दाम कम होने से महिलाएं उसे खरीदने के प्रति जागरूक हों।