आप मंत्री गहलोत के साथ राजेंद्र पाल गौतम।
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने बर्खास्त जल मंत्री कपिल मिश्रा के कार्यों में खामियां निकालकर निपटाने के कदम उठाने आरंभ कर दिए हैं। नए जल मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कार्य भार संभालते ही उन कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं जिनके चलते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कपिल मिश्रा की मंत्री पद से छुट्टी की बात कही थी।
गौतम ने शनिवार को कार्यभार संभालने के कुछ देर बाद संवाददाता सम्मेलन बुलाकर अप्रत्यक्ष तौर पर कपिल मिश्रा के कामकाज में खामियां निकालीं। उन्होंने बताया कि जल बोर्ड के अधिकारियों को नगर निगम चुनाव के दौरान लोगों के पास कई-कई हजार रुपये के बिल पहुंचने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने नगर निगम चुनाव के समय कई इलाकों में पेयजल संकट पैदा होने के मामले की भी जांच करने का फरमान दिया।
उन्होंने हैरानी जताई कि जिन लोगों के घरों पर नगर निगम चुनाव से पहले एक रुपये का भी बिल नहीं पहुंचता था लेकिन मालूम नहीं किस तरह नगर निगम चुनाव के समय उनके घरों पर कई-कई हजार रुपये के बिल भेज दिए गए। इसी तरह दिल्ली जल बोर्ड के पास पर्याप्त पानी होने के बावजूद कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंची।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए गौतम ने कहा कि पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा की ओर से अपने स्तर पर लिए गए कई निर्णयों की भी जांच कराई जा सकती है क्योंकि बहुत से ऐसे हो सकते है जिनके बारे में सरकार से स्वीकृति नहीं ली गई हो। उन्होंने सभी मसलों पर जल्दी ही खुलासा करने का ऐलान किया।