डीसीजीआई ने दवा निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे दिल्ली की इस कंपनी द्वारा सप्लाई किए गए प्रोपलीन ग्लाइकोल का उपयोग न करें। खांसी के सिरप में इसी की उपस्थिति के कारण कथित रूप से उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत हुई थी। माया केमटेक दवा कंपनियों को कच्चे माल की आपर्ति करती है।
वहीं 18 बच्चों की मौत के मामले में मैरियन बायोटेक के तीन कर्मचारियों को मिलावटी दवाओं के निर्माण और बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जिसमें दवा कंपनी के ऑपरेशन हेड समेत तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है। इस गिरफ्तारी के बाद कंपनी मालिक और मालकिन (डायरेक्टर) फरार हैं।