रियो ओलंपिक में पदक दिलाने के साथ जनसंख्या में भी बेटियां आगे बढ़ रही हैं। गुड़गांव समेत प्रदेश के अन्य जिलों के लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। अब आंकड़ा प्रति एक हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या 900 के पार पहुंच गया है।
सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान सार्थक लगने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस नारे के बीच अब हरियाणा और साइबर सिटी में बेटियों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
दरअसल, ओलंपिक में भारत को पदक दिलाने वाली हरियाणा की साक्षी मलिक और हैदराबाद की पीवी सिंधु के साथ अब बेटियों का दर्जा बुलंद हो गया है। घटते लिंगानुपात की वजह से देश में हरियाणा की किरकिरी हो रही थी। इसी वजह से प्रधानमंत्री ने पानीपत से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। शुरुआत में 12 जिले और फिर बाद में सभी जिलों में इस कार्यक्रम को चलाया गया।
इस कार्यक्रम के जरिये बेटी के महत्व और उसके समाज में योगदान के प्रति लोगों को जागरूक कर कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का प्रयास किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने लगातार अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापामारी कर कन्या भ्रूण हत्या करने वालों के खिलाफ मुहिम चलाई। अब इसी का नतीजा है कि साइबर सिटी के लिंगानुपात में भी सुधार हुआ है।