पुलिस के लाख प्रयास के बावजूद उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। फरीदाबाद में शनिवार को स्कूल से लौट रही दो दलित बहनों को बुरी नीयत से कार सवार तीन मनचलों ने दबोच लिया। बाद में किसी तरह दोनों उनसे पीछा छुड़ाईं। पीड़िताओं ने सूरजकुंड थाने में केस दर्ज कराया है। मामले की जांच एसीपी एनआईटी कर रहे हैं।
सूरजकुंड थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली दोनों बहनें नाबालिग हैं और दलित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पीड़िताओं के मुताबिक, शनिवार दोपहर बाद दोनों स्कूल से पढ़कर घर लौट रही थीं। शिव लक्करपुर के पास एक कार पर सवार तीन युवकों ने उनके आगे लाकर अचानक ब्रेक लगा दी। वह कुछ समझ पातीं बाइक पर से उतरे एक मनचले ने फब्तियां कसते हुए कहा कि गाड़ी में बैठ जाओ घर छोड़ देंगे। मना करते हुए दोनों किनारे से आगे बढ़ने लगीं। इस पर कार से उतर कर एक मनचले ने बड़ी बहन का हाथ पकड़ लिया और उसे खींच कर कार बैठाने की कोशिश की।
हाथ छुड़ाने की कोशिश की तो उसने किशोरी को कई थप्पड़ जड़ दिए। कार में खींचने की कोशिश कर रहे मनचले से छोटी बहन भी उलझ गई। बाद में उनसे पीछा छुड़ाकर दोनों बहनें वहां से भागीं। कार सवारों ने काफी दूर तक दौड़ाते हुए दोनों का पीछा किया। घर पहुंचीं बहनों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने मनचलों की पहचान रवि, रोहित और प्रेमचंद के रूप में की। एसएचओ सूरजकुंड ने बताया कि दलित, पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसपी एनआईटी कर रहे हैं। एसीपी एनआईटी का मोबाइल स्विच ऑफ बताता रहा।
वहीं दूसरी ओर फरीदाबाद के ही दूसरे मामले में सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय लड़की शनिवार को दोपहर का खाना देने चाचा की दुकान गई थी। लौटी तो लेकिन घर नहीं पहुंची। चाचा ने पंचशील कॉलोनी निवासी विकास शर्मा पर किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने आरोप लगाते हुए थाने में केस दर्ज कराया है। एसएचओ सराय ख्वाजा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।