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कांग्रेस के दलित नेता का अपमानः प्रदेश उपाध्यक्ष ने शुरू की जांच

Sun, 07 Feb 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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कांग्रेस एससी-एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र गौर को बैठक से बाहर भगाने का मामला तूल पकड़ने लगा है।
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मामला सोनिया और राहुल गांधी तक पहुंचा तो एससी-एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष भगवती प्रसाद चौधरी ने जांच बैठा दी है।

प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष योगी जाटव को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। रविवार को योगी जाटव जांच करने गाजियाबाद पहुंचे। उन्होंने जितेंद्र गौर और स्थानीय नेताओं से बातचीत की।

एससी-एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष योगी जाटव ने महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा को फिलहाल क्लीन चिट नहीं दी है।

उनका कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है। उस वक्त मीटिंग में मौजूद नेताओं से बातचीत की जाएगी। सोमवार को भी जांच जारी रहेगी।

योगी जाटव का कहना है कि चार दिन बाद जांच रिपोर्ट एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. राजू को सौंप दी जाएगी। उनके माध्यम से यह रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंचेगी।
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कांग्रेस में सियासत: मचा घमासान, उपचुनाव में उठाना पड़ सकता है नुकसान
मेयर उपचुनाव को जीतने से ज्यादा कांग्रेस नेताओं में एक-दूसरे की ‘मूंछें’ नीची करने की सियासत हो रही है। पांच दिन से पार्टी में घमासान मचा है।

पहले दो दिग्गज भिड़ गए और अब अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र गौर ने पार्टी में संगठन पदाधिकारियों पर अपमानित करने का आरोप लगाकर ‘बम’ फोड़ दिया।

कांग्रेस की इस अंदरूनी कलह पर उपचुनाव में उतरे दूसरे राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हैं। स्थानीय स्तर पर ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस दूसरे दलों के निशाने पर आ गई है।

इन घटनाओं का खामियाजा कांग्रेस को मेयर उपचुनाव में उठाना पड़ सकता है। दलितों की हितैषी पार्टी कही जाने वाली कांग्रेस में दलित नेता के अपमान से फिलहाल शहर में एक माहौल तैयार हो गया है।

दूसरे राजनीतिक दल भी चाहते हैं कि दलित वोटर कांग्रेस के साथ इकट्ठा न हो। बसपा के चुनाव मैदान में न होने से दलित वोटर कांग्रेस के साथ इकट्ठा हुए तो सपा और भाजपा के लिए यह ‘चुनावी जंग’ और मुश्किल हो जाएगी।
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ऐसे में स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को ठंडा नहीं होने दिया जा रहा है। वहीं कांग्रेस को अब दलितों को जोड़े रखने में पसीने छूट रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस की यह अंदरूनी सियासत पार्टी के लिए ही भारी पड़ सकती है।

‘महानगर अध्यक्ष ने नहीं किया दलितों का अपमान’
कांग्रेस में मचे घमासान पर महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा कुछ पदाधिकारियों के निशाने पर हैं तो कई नेता उनके समर्थन में भी आ गए हैं।

कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष माया देवी ने कहा कि महानगर अध्यक्ष ने किसी दलित का अपमान नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि मैं खुद दलित समाज से हूं और दलित नेता का अपमान होता तो मैं भी उस मीटिंग में बैठी नहीं रहती।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर कांग्रेस के संगठन को कमजोर करने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं।
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