बहन को ले जाता देख 14 साल की किशोरी नकाबपोश बदमाशों से भिड़ गई। पीड़ित परिवार ने बताया कि उसने एक बदमाश के हाथ पर दांतों से काटा भी।
किशोरी की हिम्मत देख अन्य परिवार के सदस्यों का भी हौसला बढ़ गया, लेकिन 12 बदमाशों का परिवार के चार सदस्य ज्यादा देर तक मुकाबला नहीं कर सके और बदमाश मारपीट कर उन्हें कमरे में बंद कर विवाहिता को उठा ले गए। दूसरी तरफ, देर रात महिला की हालत बिगड़ गई, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीड़िता ने 29 दिन पहले अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था, जिसकी मौत हो गई थी। देखभाल करने के लिए महिला ने 14 वर्षीय छोटी बहन को भी बुला रखा था। वारदात के वक्त किशोरी अपनी बहन के पास ही सोयी हुई थी।
डकैती के बाद जब बदमाश उसकी बहन को ले जाने लगे, तो वह एक बदमाश से भिड़ गई। किशोरी को लड़ते देख विवाहिता की सास और पति भी बदमाशों से उलझ गए, लेकिन बदमाशों की संख्या अधिक थी और हथियार लिए थे।
इसके चलते वह ज्यादा देर तक बदमाशों का मुकाबला नहीं कर सके। बहन के जाने के बाद किशोरी रातभर कमरे में रोती रही। रविवार सुबह सूचना मिलने पर विवाहिता के मायके से परिजन गांव पहुंचे तो मां को देख किशोरी फफक-फफक रोई।
जानकार तो नहीं लुटेरे!
पीड़ित परिवार ने बताया कि विवाहिता को ले जाने से पहले नकाबपोश बदमाश आपस में बात कर रहे थे कि यह वही महिला है, जिसने 29 दिन पहले बच्ची को जन्म दिया था।
गाली देते हुुए एक बदमाश ने कहा कि ले चलो इसे, इसी बीच दूसरे ने विवाहिता के पति से रुपये मांगे। इनकार करने पर बदमाश ने कहा कि उन्हें पता है कि तेरे घर में काफी पैसा रखा है। बदमाशों ने घर खंगाला। उन्हें 20 हजार रुपये ही मिले।
महिला बोली, कई बदमाशों ने किया दुष्कर्म
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हापुड़ में मेडिकल परीक्षण के बाद चिकित्सकों और पुलिस ने गैंगरेप की पुष्टि से इंकार किया है। चिकित्सकों ने तर्क दिया है कि 29 दिन पूर्व ही महिला की डिलीवरी हुई है।
ऐसे में 40 दिन तक रेप की पुष्टि संभव नहीं है। फिर भी स्लाइड बनाकर जांच के लिए गाजियाबाद भेजी जा रही है। उधर, पीड़िता ने साफ कहा है कि उसके साथ कई बदमाशों ने दुष्कर्म किया है।
महिला और उसके पति ने बताया कि बदमाश घर में लूटपाट के बाद महिला को उठाकर ले गए और खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। वह बेहोश हो गई। सुबह परिजन ढूंढते हुए पहुंचे तो वह लहूलुहान मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस का कहना है कि महिला के साथ गैंगरेप नहीं हुआ है, बल्कि घर में लूटपाट की गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब गैंगरेप नहीं हुआ तो 29 दिन पहले डिलीवरी के बाद वह खेत में कैसे पहुंची और वहां बेहोश कैसे हुई।
दिनभर गैंगरेप को मैनेज करने में जुटा रहा पुलिस-प्रशासन
महिला के साथ गैंगरेप की घटना ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। लेकिन पुलिस और प्रशासन इस मामले को दिनभर मैनेज करने में जुटा रहा।