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Cyber Crime: बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 14 करोड़ हड़पे, प्रवासी भारतीय महिला ने दर्ज कराई रिपोर्ट

Sun, 11 Jan 2026 02:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

77 वर्षीय भारतीय प्रवासी महिला ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया है कि डिजिटल अरेस्ट से जुड़ा यह घोटाला 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुआ।
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डिजिटल अरेस्ट। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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एक बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। 77 वर्षीय भारतीय प्रवासी महिला ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया है कि डिजिटल अरेस्ट से जुड़ा यह घोटाला 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुआ। फोन पर बातचीत के दौरान, कथित कॉल करने वालों ने शिकायतकर्ता को कई बैंक खाते बताए और उन्हें आरटीजीएस के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया। 

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उनके निर्देशों का पालन करते हुए, शिकायतकर्ता ने उक्त खातों में कुल 14 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायतकर्ता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है और अपने वकील की उपस्थिति में विस्तृत लिखित शिकायत प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा है। दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ इकाई ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

विश्वसनीय लगे 'लुटेरे'
पीड़िता डॉ. इंद्र तनेजा ने बताया कि मैं बहुत सदमे में हूं... शुक्र है कि हम पुलिस स्टेशन गए और पता चला कि हमारे साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने जो भी नाटक किया, वह बहुत विश्वसनीय लग रहा था। वे बहुत ही भरोसेमंद लग रहे थे, उन्होंने कहा कि वे हमारी मदद करेंगे।
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तीन थे 'शिकारी'
पीड़ित डॉ. ओम तनेजा ने बताया कि उनके पास हमारे बारे में बहुत सारी जानकारी थी। उन्होंने हमें इस तरह से राजी किया कि डर के मारे हमने उन्हें अपनी सारी जानकारी दे दी। इसमें तीन लोग शामिल थे।

100 करोड़ से अधिक की अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का खुलासा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस यूनिट (आईएफएसओ) ने साइबर अपराध खासकर डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। आईएफएसओ ने इस संबंध में एक ताइवानी नागरिक व महिला समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी शशि प्रसाद (53), परविंदर सिंह (38), ताइवानी नागरिक आई सुंग चेन (30), मोहाली, पंजाब निवासी सर्बदीप सिंह (33), महिला, जसप्रीत कौर (28) कोयंबटूर, तमिनाडु निवासी दिनेश के (35) और मुंबई निवासी अब्दुस सलाम (33) के रूप में हुई है। ताइवानी नागरिक के अलावा बाकी सभी भारतीय हैंडलर हैं।

आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि गिरोह के तार चीन, नेपाल, कंबोडिया, ताइवान और पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। गिरोह सिम बॉक्स के जरिए देशभर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी में शामिल है। ठगी की रकम को गिरोह क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेज रहे थे। इनकी गिरफ्तारी से फिलहाल 1000 शिकायतें लिंक हुई हैं। छानबीन के बाद पता चला कि इनके पास से बरामद सिम बॉक्स में 5 हजार आईएमईआई नंबर फीड थे। 

सिम बॉक्स के जरिये 20 हजार भारतीय मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर ठगी के लिए कॉल की जा रही थीं। सिम बॉक्स विदेश से आई इंटरनेट कॉल को जीएसएम-लोकल नेटवर्क में बदल देता है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 सिम बॉक्स, 8 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 7 सीसीटीवी कैमरे, 5 राउटर, 3 पासपोर्ट, कंबोडियो में नौकरी करने की दो आईडी, 10 भारतीय सिम और 120 चीन की सिमकार्ड बरामद हुए हैं। इनके गिरोह के कई सदस्य फरार हैं। आईएफएसओ की टीम इनकी तलाश कर रही है।

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