दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ इकाई के साथ मिलकर करेगा साइबर जागरूक
नई दिल्ली। बढ़ते साइबर अपराध के प्रति छात्रों को जागरूक बनाने के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया में साइबर क्लब की शुरुआत की गई है। जामिया के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय सभागार में क्लब का उद्घाटन दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध प्रभाग) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने किया। साइबर क्लब दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा में अकादमिक शिक्षा को व्यावहारिक विशेषज्ञता से जोड़ेगा।
छात्रों को विशेष पुलिस आयुक्त ने साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया और बचाव के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि साइबर क्लब परिसर को साइबर सुरक्षित बनाने में मदद करेगा। दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने सोशल मीडिया का उपयोग करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि म्यूल बैंक अकाउंट एक गंभीर समस्या के रूप में उभरे हैं। ऐसे खातों का शिकार बनने से बचने के उपायों पर विस्तार से बताया। वहीं, डॉ. तिवारी ने छात्रों से सावधानी बरतने और आभासी दुनिया में व्यक्तियों के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने का आग्रह किया।
जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने कहा कि साइबर जगत में वित्तीय अपराध करने वाले लोग अपने शिकार के लालच का फायदा उठाते हैं। रजिस्ट्रार प्रो. महताब आलम रिजवी ने कहा कि उम्मीद है कि क्लब साइबर सुरक्षित परिसर को बढ़ावा देने में योगदान देगा। वहीं, छात्र कल्याण की डीन और साइबर क्लब की सलाहकार प्रो. नीलोफर अफजल ने कहा कि इसका उद्देश्य प्रशिक्षण सत्रों, कार्यशालाओं और विशेषज्ञ वार्ताओं के माध्यम से जागरूकता और डिजिटल हाइजिन को बढ़ावा देना है। क्लब नैतिक ऑनलाइन व्यवहार को प्रोत्साहित करेगा और साइबर कानून, डिजिटल अधिकारों, एआई जोखिमों और उभरते खतरों पर चर्चाओं को सुगम बनाकर जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देना चाहता है।