हरियाणा की अघोषित आर्थिक राजधानी गुड़गांव का रुतबा आज भी कायम है। प्रति व्यक्ति आय मामले में गुड़गांव प्रदेश का सबसे अव्वल जिला है। यहां प्रति व्यक्ति आय इस समय चार लाख 46 हजार 305 रुपये है। यहां भरपूर विकास हुआ है।
मगर गुड़गांस से सटे मेवात की स्थिति इससे बिल्कुल उलट है। जब से मेवात बना है तब से यहां कोई खास विकास नहीं हुआ है। यही कारण है कि प्रति व्यक्ति आय मामले में यह हरियाणा का सबसे पिछड़ा जिला है। यहां प्रति व्यक्ति आय 45,934 रुपये है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को श्वेतपत्र जारी किया है। इसमें गुड़गांव की आर्थिक समृद्धि की तस्वीर को पेश किया गया है। हरियाणा की सरकारों की ओर से गुड़गांव को विकास के आईने के तौर पर पेश किया जाता रहा है।
यहां के उद्योग, यहां के कॉरपोरेट कार्यालय, मेट्रो, रैपिड मेट्रो और मॉल्स इसके विकास और आधुनिकता की कहानी स्वयं बयां करते हैं। बिना गुड़गांव का नाम आए हरियाणा के विकास की बात करना नाकाफी है। अक्सर लोग यह भी आरोप लगाते हैं कि गुड़गांव की ओर से सरकारें अधिक ध्यान देती हैं।